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एसीबी ने दी एफआर कोर्ट ने लिया प्रसंज्ञान

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज -!-बीकानेर
भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय ने शिक्षा विभाग चूरू में तत्कालीन वरिष्ठ लिपिक के खिलाफ ट्रेप के मामले में एफआर अस्वीकार कर प्रसंज्ञान लिया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने वर्ष, 08 में चूरू के शिक्षा विभाग में कार्यरत यूडीसी करणीसिंह राठौड़ को ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी पंचायत समिति रतनगढ़ में कार्यरत कार्यालय सहायक से रिश्वत लेने के आरोप में ट्रेप किया था। सात जुलाई, 08 को ट्रेप की कार्रवाई के दौरान आरोपी से रिश्वत के 2000 रुपए बरामद किए गए थे। ब्यूरो ने इस मामले की जांच की। अनुसंधान के दौरान आरोपी ने ब्यूरो को बताया कि परिवादी से ली गई राशि रिश्वत की नहीं, बल्कि उसे उधार दी गई रकम की अदायगी थी। ब्यूरो ने मामले में एफआर लगाकर न्यायालय में पेश कर दी। परिवादी कृष्णगोपाल इसके विरुद्ध न्यायालय में विरोध याचिका पेश की। न्यायालय ने उसे स्वीकार कर कर आरोपी के विरुद्ध प्रसंज्ञान लेने के आदेश दिए हैं।
ये था मामला
परिवादी कृष्णगोपाल की ओर से पांच जुलाई, 08 को चूरू एसीबी को शिकायत की गई थी कि वह ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी पंचायत समिति रतनगढ़ में कार्यालय सहायक के पद पर है। वर्ष, 06-07 में वह सरदारशहर के राउमावि जैतसीसर में रहा था। इस अवधि के सेवा सत्यापन के लिए अधिकारी के हस्ताक्षर करवाने थे। इसके लिए सेवा पुस्तिका यूडीसी करणीसिंह राठौड़ के पास पहुंची थी। उसने करीब एक माह बाद परिवादी को बुलाकर 12,000 रुपए की रिश्वत मांगी। परिवादी ने उसे 3,500 रुपए दिए तो सेवा पुस्तिका संबंधित स्कूल में भिजवा दी। तीन जुलाई, 08 को परिवादी पुन: आरोपी से मिला और कहा कि उसकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की सूचना उप निदेशक माध्यमिक, चूरू के पास नहीं पहुंची। आरोपी ने उससे 8500 रुपए मांगे। दोनों में 2000 रुपए देने की सहमति हुई। सात जुलाई, 08 को एसीबी ने आरोपी को 2000 रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में ट्रेप किया।