आचार्य महाश्रमण का गंगाणे में प्रवेश
भास्कर न्यूज - बीकानेर
महाश्रमण के जयकारे, हाथों में रंग-बिरंगी छतरियां और हाथों में अहिंसा का पाठ वाल बैनर-पोस्टर, चारो और जय-जय ज्योति चरण, जय-जय महाश्रमण के उद्घोष। यह नजारा था बुधवार सुबह तेरापंथ धर्म संघ के 11वें आचार्य महाश्रमण के गंगाशहर प्रवास का।
आचार्य महाश्रमण ने सुबह खरनाड़ा से गंगाशहर प्रवास किया तो बड़ी संख्या में साधु-साध्वी व अन्य लोग उनके साथ थे। कन्या मंडल की झांकी, महिला मंडल व किशोर मंडल तथा तेरापंथ युवक परिषद अपने सदस्यों के साथ जुलूस में बैनर व पोस्टर लेकर चल रहे थे। खरनाड़ा मैदान से शुरू हुआ जुलूस गोगागेट सर्किल होते हुए जैन स्कूल, हंसा गेस्ट हाउस, बोथरा कॉलेज, महावी चौक होते हुए तेरापंथ भवन पहुंचा। रास्ते में महाश्रमण जैन स्कूल के एक द्वारा से अंदर प्रवेश कर आशीर्वाद दिया और दूसरे द्वार से बाहर निकल गए। अर्हम इंग्लिश एकेडमी द्वारा आयोजित जीवन विज्ञान प्रदर्शनी का भी महाश्रमण ने अवलोकन किया। हंसा गेस्ट हाउस, तोलाराम बाफना अकादमी आदि के आगे भी महाश्रमण का अभिनंदन किया गया।
मुनि ध्रुव कुमार ने गीतिका के माध्यम से महाश्रमण का वंदन किया। आचार्य का धवल काफिला जैसे-जैसे आगे बढ़ा वैसे-वैसे जगह-जगह उनका अभिनंदन हुआ। तेरापंथ किशोर मंडल के पांच किशोरों ने जैन ध्वज के पांच रंगों के आधार पर स्वयं को रंगीन बनाकर मनमोहन प्रस्तुति दी। गंगाशहर रोड पर बाल भारती स्कूल के विद्यार्थियों ने स्वागत किया। जैन गल्र्स कॉलेज, बाफना स्कूल व श्रावक समाज ने अभिवंदना की। भजपा जिलाध्यक्ष नंदकिशोर सोलंकी की अगुवाई में पदाधिकारियों और सदस्यों ने आचार्य का स्वागत किया। सीओ सदर प्रेमदान चारण व सीआई संजय बोथरा सहित कई पुलिस अधिकारियों ने भी आचार्यप्रवर से आशीर्वाद लिया।
आकर्षक रहे छोटे मुनि, बालक ने की दीक्षा के लिए अर्ज
आचार्यमहाश्रमण के गंगाशहर प्रवेश के दौरान उनके जुलूस में शामिल सात छोटे-छोटे मुनि राहगीरों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे। महाश्रमण ने इन मुनिया का परिचय भी दिया। इनमें मुनि प्रियांशु कुमार सबसे छोटे मुनि है।मुनि विनम्र कुमार, मुनि ध्रुव कुमार, मुनि रम्य कुमार, मुनि सिद्ध कुमार व मुनि विनय कुमार इनमें शामिल है। मुनि ध्रुव कुमार ने गीतिका से वंदन किया। दूसरी ओर छोटे बाल विशाल डाकलिया ने महाश्रमण से दीक्षा के लिए अरज की। विशाल के माता-पिता व दादा-दादी ने भी विशाल को दीक्षा देने का निवेदन किया। महाश्रमण ने बालक को साधु प्रतिक्रमण सीखने के लिए कहा।
आकर्षक रहे छोटे मुनि, बालक ने की दीक्षा के लिए अर्ज
आचार्यमहाश्रमण के गंगाशहर प्रवेश के दौरान उनके जुलूस में शामिल सात छोटे-छोटे मुनि राहगीरों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे। महाश्रमण ने इन मुनिया का परिचय भी दिया। इनमें मुनि प्रियांशु कुमार सबसे छोटे मुनि है।मुनि विनम्र कुमार, मुनि ध्रुव कुमार, मुनि रम्य कुमार, मुनि सिद्ध कुमार व मुनि विनय कुमार इनमें शामिल है। मुनि ध्रुव कुमार ने गीतिका से वंदन किया। दूसरी ओर छोटे बाल विशाल डाकलिया ने महाश्रमण से दीक्षा के लिए अरज की। विशाल के माता-पिता व दादा-दादी ने भी विशाल को दीक्षा देने का निवेदन किया। महाश्रमण ने बालक को साधु प्रतिक्रमण सीखने के लिए कहा।
जगह-जगह हुई वंदना, मर्यादा महोत्सव की तैयारियां तेज