‘शिक्षक तबादलों में राजनीतिकरण हो बंद’
बीकानेर - शिक्षक तबादलों में बढ़ रहे राजनीतिकरण से इसका विपरीत असर शैक्षणिक गुणवक्ता पर पड़ रहा है। सरकार को चाहिए कि शिक्षक स्थानांतरण के लिए स्थाई नीति बनाई जाए।
राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश प्रसाद ढाका ने भास्कर से बातचीत में बताया कि शिक्षक तबादलों के लिए नीति और नियम तो बने लेकिन उनका क्रियान्वयन नहीं होने से स्थानांतरण में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। सरकार को चाहिए कि डार्क जोन समाप्त कर सभी जिलों में समान स्थानांतरण नियम बनाए जाए। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर संगठन ने 11 सूत्री मांग पत्र प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को सौंपा है। यदि समय रहते शिक्षकों की मांग का निस्तारण नहीं हुआ तो संगठन स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। ढाका ने वर्तमान पाठ्यक्रम में भी बदलाव की आवश्यकता जताई।उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम निर्माण में शिक्षक की भी भागीदारी होनी चाहिए। शिक्षकों को गैर शैक्षिक कार्यों में लगाने का उन्होंने विरोध किया। ढाका ने बताया कि आरटीई के मुताबिक शिक्षकों को गैर शैक्षिक कार्य कार्य से मुक्त रखने के नियम है। बावजूद इसके शिक्षकों को पोषाहार, ई-ग्राम, बीएलओ आदि कार्य में लगाया जा रहा है। शिक्षा में सुधार के सवाल पर ढाका ने कहा कि सरकारी स्कूलों में भी पूर्व प्राथमिक कक्षाओं का संचालन करना चाहिए।