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क्यूं ना बदल दिया जाए स्कूलों का समयअब जलवायु परिवर्तन के अनुरूप नहीं रहा शिविरा पंचांग, मौसम खराब कर रहा है बच्चों की पढ़ाई

8 वर्ष पहले
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बीकानेर। राज्य के शिक्षा विभाग का शिविरा पंचांग अब जलवायु परिवर्तन के अनुरूप नहीं रहा। स्कूलों का समय एक बार फिर से बदलने की जरूरत महसूस की जाने लगी है।

जनवरी के महीने में पड़ रही कड़ाके की सर्दी और कोहरे के कारण राज्य में अनेक स्थानों पर स्कूलों में छुट्टियां करनी पड़ रही हैं। कहीं समय में बदलाव किया जा रहा है। पहली से पांचवीं कक्षा के बालक तो इस महीने मुश्किल से दो-तीन दिन ही स्कूल जा सके हैं।

स्कूलों में सर्दी की छुट्टियां कई सालों से दिसंबर में ही हो रही हैं। 25 दिसंबर से लेकर 31 दिसंबर तक स्कूलें बंद रही हैं। एक जनवरी से स्कूल खुल जाते हैं लेकिन इस बार कड़ाके की ठंड को देखते हुए जयपुर, बीकानेर सहित कई जिलों में छुट्टियां बढ़ानी पड़ी। पिछले 23 दिन में दो-तीन दिन छोड़ दें तो ठंड के तेवर लगातार तीखे बने हुए हैं। बारिश और घने कोहरे के कारण कई जिलों में तो स्कूलें ही नहीं खुल पा रही हैं।

स्कूलों की लगातार हो रही छुट्टियों से बालकों की पढ़ाई खराब होने लगी है। कलेक्टरों ने कक्षा छह से 12वीं तक के बालकों का समय बदला है लेकिन दो पारी स्कूलों को एक ही पारी में चलाकर पढ़ाई करवाना काफी मुश्किल काम है। जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या अधिक है, वहां एक ही पारी में एक साथ सभी बच्चों को बैठाने की व्यवस्था ही नहीं है।

अभिभावकों और शिक्षकों का मानना है कि विभाग को स्कूलों के टाइम टेबल पर फिर से मंथन करना होगा। ताकि बच्चों की पढ़ाई खराब न हो सके।

आंधी से फैक्ट्री का गोदाम धराशायी

नोखा दैया रोड जयमलसर में गत 21 जनवरी की रात को आई आंधी की वजह से एक फैक्ट्री के गोदाम धराशायी हो गया। मिली जानकारी के अनुसार महादेव प्लास्टर एंड फ्युल्अ नामक गिट्टी फैक्ट्री के गोदाम आंधी के कारण धराशायी हो गया।