कहानियां कहते-कहते कहानी बन गए
भास्कर न्यूज - बीकानेर
बात चली विष्णु प्रभाकर की कहानियों पर। उनकी बेटी अनिता नवीन जो खुद भी कहानियां लिखती है और जल्द ही पहला संग्रह प्रकाशित करवाने जा रही है, ने कई कथाओं का जिक्र किया। बीकानेर के व्यंग्यकार-कथाकार बुलाकी शर्मा ने कई कहानियों का जिक्र करते हुए मर्मस्पर्शी अंश भी सुनाएं। मालचंद तिवाड़ी की अध्यक्षता में कहानियों पर चली चर्चा के जरिये प्रभाकर के व्यक्तित्व और कृतित्व के कई अनछुए पहलू सामने आते रहे और श्रोता मुग्धभाव से सुनते रहे।
कहानियों पर केन्द्रित सत्र का समापन हो गया। चाय पीने के बाद फिर उस सभागार में लोग जुटे और बात शुरू हो गई संस्मरणों की।
संस्मरण सुनाने वालों में भी विष्णु प्रभाकर के पुत्र अतुल प्रभाकर, सुधीर विद्यार्थी, रामकुमार कृषक के साथ ही श्याम महर्षि ने उनके साथ जुड़े प्रसंग सुनाने शुरू किए। लगा जैसे साहित्य के स्वप्नलोक में पहुंच गए। कुछ देर पहले जिनकी कहानियों पर बातें हो रही थी, वे कहानी कहते-कहते खुद कहानी हो गए। कहने-सुनने का यह क्रम टूटा तो कुछ खटका मगर शनिवार को फिर प्रभाकर के रचना-संसार से विशेषज्ञों की जुबानी रूबरू होने के आश्वासन पर संतोष हुआ।