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षड्यंत्रपूर्वक घटाया क्रांतिकारियों का कदसाहित्यकार सुधीर विद्यार्थी ने कहा, यशपाल ने संस्मरणों में घालमेल कर क्रांतिकारियों के कद से खिलवाड़ किया साहित्य में भी अच्छे लेखकों को...
भास्कर न्यूज.बीकानेर
आजादी के लिए हुए क्रांतिकारी आंदोलन पर विशेष काम करने वाले साहित्यकार सुधीर विद्यार्थी का कहना है, गढ़े हुए नेताओं ने हमारे क्रांतिकारियों का कद षड्यंत्रपूर्वक घटाने की कोशिशें की। अगर उनका वास्तविक काम सामने आता तो कई नेता बौने साबित हो जाते।
केन्द्रीय साहित्य अकादमी की राष्ट्रीय संगोष्ठी में शिरकत करने आए विद्यार्थी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, यशपाल ने संस्मरणों में घालमेल कर भी क्रांतिकारियों के कद से खिलवाड़ की। भगतसिंह शोषण विहीन समाज के जिस स्वरूप को साकार करना चाहते थे उसका व्यापक पैमाना था। सिर्फ देश में ही एक-दूसरे देश भी किसी का शोषण नहीं कर सके, यह परिकल्पना थी। 1857 से 1946 तक के संपूर्ण क्रांतिकारी संघर्ष पर काम करने के दौरान जो बातें सामने आई वे साबित करती है कि भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन का सही मूल्यांकन नहीं हुआ। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर विशेष बातचीत में विद्यार्थी ने माना कि क्रांतिकारियों पर बनी फिल्मों में उनके चरित्र का सही प्रस्तुतिकरण नहीं हो सकता। बॉलीवुड सिर्फ फिल्म को हिट करवाने के लिए ही फिल्म में क्रांति का छौंक लगाता है।
साहित्य के क्षेत्र में भी ऐसा हो रहा है। यहां कई अच्छे लेखकों को उचित अभिव्यक्ति और सम्मान नहीं मिल पाता। ऐसे में अपने इस लेखन के क्षेत्र में भी हमें क्रांतिकारी आंदोलन की तरह ही संघर्ष करना होगा।