पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंबीकानेर। हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को गाइडिंग के लिए लाइसेंस नहीं मिल पा रहे है। लाइसेंस नहीं मिलने से अभ्यर्थियों में रोष है। सोमवार को प्रशिक्षित अभ्यर्थियों के प्रतिनिधि मंडल ने इस संबंध में जिला कलेक्टर से मिलकर स्थिति से अवगत करवाया।
अभ्यर्थियों ने बताया कि परीक्षा में उत्तीर्ण होने के डेढ़ साल बाद भी आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को गाइड लाइसेंस नहीं मिल पा रहे हैं। जुलाई 2012 में पर्यटन विभाग ने बीकानेर में 200 पदों के लिए गाइड भर्ती परीक्षा करवाई थी जिसमें 125 अभ्यर्थी पास हुए।
मामला कोर्ट में होने के कारण परीक्षा परिणाम के बाद पर्यटन विभाग ने केवल सामान्य श्रेणी के 66 अभ्यर्थियों को ही लाइसेंस जारी किए। आठ जनवरी, 2014 को हाई कोर्ट ने जयपुर और दोसा जिले को छोड़ शेष सभी जिलों में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को लाइसेंस जारी करने के आदेश दे दिए है। बावजूद इसके पर्यटन विभाग ने अभी तक आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को लाइसेंस जारी नहीं किए हैं।
प्रतिनिधि मंडल ने ज्ञापन की एक प्रति संभागीय आयुक्त और बीकानेर पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी को भी सौंपी है। प्रतिनिधि मंडल में मोहम्मद जावेद, रहमतउल्ला, सदीक अहमद, नारायण स्वामी आदि शामिल हुए।
उधर, सहायक पर्यटक अधिकारी पुष्पेंद्र प्रताप सिंह राठौड़ ने बताया कि पर्यटन मुख्यालय से इस संबंध में कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए है। मुख्यालय से आदेश आने के बाद शेष रहे प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को लाइसेंस जारी कर दिए जाएंगे।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.