पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • अशक्त पोषक सभा के गठन का प्रावधान किया गया था एक्ट में

अशक्त पोषक सभा के गठन का प्रावधान किया गया था एक्ट में

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
एक्ट की दफा 1.1. में यह कहा गया था कि इस एक्ट का नाम अशक्त लोगों की रक्षा का एक्ट, रियासत बीकानेर, सन् 1941 ई. होगा। दफा-1.2 में यह लिखा गया था कि यह कुल रियासत बीकानेर में लागू होगा। एक्ट की दफा-2 में इस बात का उल्लेख था कि इस एक्ट में जब तक कि मजमून या इबारत के कोई बात खिलाफ नहीं पाई जाए- ((क)) अशक्त मनुष्य से मुराद है वह मनुष्य जो अंधा या अपाहिज हो या किसी और कारण से अपनी आजीविका के लिए कोई भी अंधा करने से असमर्थ या अयोग्य हो जाएं। ((ख)) अनाथ से मुराद है 15 वर्ष की आयु से कम का वह मनुष्य जिसे उसके माता-पिता ऐसी दशा में छोड़ कर मर जाएं जिसमें वह अपना पालन न कर सके तथा ऐसा कोई और न हो जिससे वह गुजारा तलब कर सके।
एक्ट की दफा-3 में यह कहा गया था कि, ऐसे नियमों के अनुसार, जो बीकानेर गवर्नमेंट इस संबंध में समय-समय पर बनाएं, कुल रियासत बीकानेर के लिए एक ‘अशक्त पोषक सभा’ का निर्माण किया जाएगा। दफा-4 में यह उल्लिखित था कि ((क)) ‘अशक्त पोषक सभा’ के मेंबर अपने में से ‘अशक्त पोषक कमेटी’ नाम की एक कमेटी चुनेंगे जिसमें 10 से ज्यादा मेंबर नहीं होंगे जिनमें ऐसे मेंबर ((जो पांच से ज्यादा नहीं होंगे)) शामिल किए जाएंगे जिन्हें बीकानेर गवर्नमेंट नामजद करे। कमेटी अपना प्रेसीडेंट खुद चुनेगी। ((ख)) सभा के प्रत्येक मेंबर को सभा की साधारण बैठकों में ऐसे नियमों के अनुसार राय देने का हक होगा जो ‘अशक्त पोषक सभा’ द्वारा इस संबंध में बनाए जाएं और बीकानेर गवर्नमेंट द्वारा मंजूर किए जाएं। एक्ट की दफा-पांच में यह कहा गया था कि सभा का प्रबंध अधिकार ‘अशक्त पोषक कमेटी’ के अधीन होगा- जो एक व्यवस्थित संस्था होगी, जिसका दफ्तर सदर में होगा। इसे अख्तियार होगा कि जायदाद अपने कब्जे में रखे और मुआहदे करे। इसकी तरफ से व इसके खिलाफ दावे इसके नाम से किए जाएंगे। ((लगातार))