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फरवरी से लागू होगी स्टेशनरी भत्ते की नई प्रक्रिया
भास्कर न्यूज - बीकानेर
वित्त विभाग ने अधीनस्थ सेवा और मंत्रालयिक वर्ग को प्रतिमाह मिलने वाले स्टेशनरी भत्ते की स्वीकृति और भुगतान का तरीका बदल दिया है। नई प्रक्रिया फरवरी से लागू होगी।
वित्त विभाग के आय व्ययक अनुभाग के विशिष्ट सचिव सिद्धार्थ महाजन ने आदेश जारी कर स्टेशनरी भत्ते का भुगतान वेतन के बजट में से नहीं करके कार्यालय बजट में से करने के निर्देश जारी किए थे लेकिन यह आदेश उस वक्त आया जब सभी कार्यालयों में वेतन बिल बन चुके थे। दुबारा वेतन बिल बनाने में काफी समय लगता और वेतन में भी विलंब होता। इसे देखते हुए विभाग ने बुधवार को ही आदेश में संशोधन करते हुए जनवरी का स्टेशनरी खर्च वेतन के साथ ही देने को कहा है। फरवरी से स्टेशनरी खर्च का भुगतान अलग मद से किया जाएगा। मार्च में मिलने वाले वेतन में स्टेशनरी खर्च शामिल नहीं होगा।
नई व्यवस्था में कार्मिकों को स्टेशनरी का प्रमाणीकरण करवाना भी जरूरी होगा। अब 250 रुपए वेतन के साथ नहीं मिलेंगे। अलग से बिल बनेगा। वित्त विभाग के नियम डिवीजन ने तीन अक्टूबर 2013 को आदेश जारी कर सभी विभागों के अधीनस्थ और मंत्रालयिक कार्मिकों को पैन, पेंसिल,ग्लास आदि के लिए 250 रुपए प्रतिमाह स्टेशनरी भत्ता दिया था। तृतीय श्रेणी और द्वितीय श्रेणी अध्यापकों व मंत्रालयिक वर्ग को यह राशि वेतन बजट से वेतन के साथ ही मिल रही थी लेकिन भाजपा सरकार की ओर से प्रक्रिया बदलने पर कार्मिकों में रोष है।
प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के महामंत्री महेंद्र पांडे का कहना है कि सरकार ने भत्ता स्वीकृत किया है, जो वेतन के साथ ही दिया जाना चाहिए। शिक्षक संघ शेखावत के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष भंवर पुरोहित ने कांग्रेस सरकार में किए गए फैसले को बदलने का विरोध किया है और आंदोलन की चेतावनी दी है।