पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • सॉफ्टवेयर से एक्सपायरी क्लीन करने की मशक्कत

सॉफ्टवेयर से एक्सपायरी क्लीन करने की मशक्कत

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज - बीकानेर
मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत इस माह हजारों रुपए की दवाइयां एक्सपायर हो जाएंगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने हालांकि इसे रोकने की मशक्कत कर रहा है लेकिन विभाग का मानना है कि कुछ दवाइयां एक्सपायर होंगी।
पीबीएम, जिला अस्पताल सहित अन्य चिकित्सालयों में डीडीसी पर लंबित दवा की पर्चियों की एंट्रियां सॉफ्टवेयर में करवाई जा रही हैं। डीडीसी पर करीब 80 हजार पर्चियों की एंट्रियां इंटरनेट और कंप्यूटर ऑपरेटर्स के अभाव में नहीं हो सकीं, जिसकी वजह से सॉफ्टवेयर में दवाओं की एक्सपायरी बोल रही है। जनवरी माह के करीब 300तरह की लाखों रुपए की दवाइयां की एंट्रियां नहीं हो पाईं। चिकित्सा विभाग और मेडिकल कॉलेज अब सॉफ्टवेयर में लंबित दवाइयों की एंट्रियां करवा रहा है। योजना के नोडल ऑफिसर डॉ. नवल गुप्ता का कहना है कि दवाएं वितरण के दौरान सॉफ्टवेयर में एंट्रियां तो कर दी गईं लेकिन रोगियों को देने के बाद उसकी एंट्री नहीं होने के कारण लाखों रुपए की दवाइयों की एक्सपायरी शो हो रही है। इसे खत्म करने के लिए सभी डीडीसी पर अभियान चलाया जा रहा है। दो दिनों में हजारों की संख्या में पर्चियों की एंट्रियां हुई हैं। तीन दिन में इसे शून्य कर दिया जाएगा। उसके बाद ही डीडीसी पर एक्सपायर होने वाली दवाइयों की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।



महंगी दवाइयां होंगी एक्सपायर

पागल कुत्ते के काटने पर लगाया जाने वाला इंजेक्शन और नवजात शिशु के ब्लड ग्रुप के काम आने वाले इंजेक्शन सहित कुछ महंगी दवाइयां एक्सपायर हो सकती हैं। यह दवाइयां काफी मात्रा में डीडीसी पर पड़ी हैं। फार्मासिस्टों का कहना है कि तीन दिन में उनका उपयोग संभव नहीं है। विभाग ने बिना सोचे समझे डीडीसी पर अधिक मात्रा में दवाइयां भेज दीं। ताकि एक्सपायरी वेयर हाउस में नहीं बोले।