जुर्माना नहीं भरा तो प्रवेश बंद
भास्कर न्यूज - बीकानेर
महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय ने संभाग के 142 कॉलेजों को मार्च 2014 तक जुर्माना जमा कराने का वक्त दिया है। निर्धारित अवधि तक जो कॉलेज जुर्माना विवि में जमा नहीं कराएंगे वहां सत्र 2014-15 में प्रथम वर्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं देंगे। बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट ने यह निर्णय गुरुवार को लिया और निजी कॉलेजों को हिदायत दी कि यह बोम का निर्णय है और इसमें कोई परिवर्तन नहीं होगा।
एमफिल-पीएचडी होल्डर को अभी शास्ती के दायरे में ही रखने का निर्णय हुआ है लेकिन अगले वर्ष से न्यायालय के निर्णय आने तक 50 प्रतिशत एमफिल-पीएचडी रखने की अनुमति मिलेगी और ऐसे कॉलेजों को शास्ती के दायरे से छूट मिलेगी। बोम ने 25 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को विवि में निर्धारित वेतन पर रखने की स्वीकृति मिली क्योंकि विवि में वर्कलोड अधिक है। विश्वविद्यालय ने सरकार को हाल ही में 250 नए पदों को सृजित करने की मांग की है जिसमें एक पद पीआरओ का भी होगा। मांगे गए पदों में कनिष्ठ लिपिक से लेकर उप कुलसचिव तक के पद शामिल हैं। इसके अलावा कनिष्ठ लिपिक भर्ती के लिए कम्प्यूटर परीक्षा में भी अब न्यूनतम अर्हता निर्धारित की गई है। मसलन लिखित परीक्षा के साथ कम्प्यूटर परीक्षा में भी निर्धारित अंक लाने ही होंगे वरना वह नौकरी के लिए पात्र नहीं होगा। यह आरपीएससी का मापदंड है जिसे विवि ने स्वीकार किया है। बोम ने कुलपति और कुलसचिव आवास निर्माण भी स्वीकृति प्रदान की है। विवि परिसर में 11केवी का उपकेन्द्र खोलने के लिए भी 51 लाख रुपए का बजट तय किया है। इसके साथ ही एकाउंट सेक्शन में पे-माइनस पेंशन पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को रखने की भी स्वीकृति प्रदान की गई। कॉलेज शिक्षा निदेशक नवीन जैन ने एक प्रस्ताव रखा जिसे अगली एकेडमिक कौंसिल की बैठक में रखा जाएगा। बैठक कुलपति प्रोफेसर चंद्रकला पाडिया की अध्यक्षता में हुई जिसमें कुलसचिव आर.पी.मिश्रा, डॉ.कृष्णा तोमर, मुनिराम, आर.एन.शर्मा, अतिरिक्त आयुक्त नत्थूराम, प्रो.शिवकुमार भनोत, एस.के.अग्रवाल, एमएम सक्सेना, डॉ.बिट्ठल बिस्सा, जसवंत खीचड़ सहित अनेक सदस्य मौजूद थे।