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श्रद्धा पर बेअसर रही ठंड

8 वर्ष पहले
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कार्यालय संवाददाता - दौसा
गिरिराज धरण मंदिर का पाटोत्सव बुधवार को शुरू हुआ। इस अवसर पर मंगल कलश व शोभायात्रा निकाली गई। शहर में हो रही बारिश व शीत लहर के बावजूद लोगों में गिरिराजधणी की आस्था पर कोई असर दिखाई नहीं दिया। भारी संख्या में महिलाएं पहुंची।
सुबह सहजनाथ मंदिर से गाजेबाजे के साथ निकली शोभायात्रा में हजारों महिलाओं ने भाग लिया। कलश यात्रा के दौरान सड़कों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। शहर बसंती रंग में रंगा दिखाई दिया। मुख्य कलश व पोथी का पूजन मुख्य यजमान श्याम खूंटेटा ने किया। पं. राजेश शर्मा ने मुख्य कलश का पूजन कराया। श्याम खूंटेटा सिर पर नानी बाई का मायरा की पोथी व उनकी पत्नी मुख्य कलश लेकर चल रही थीं। मुख्य ध्वज ओमप्रकाश शाहरा लेकर चल रहे थे। इस दौरान भामाशाह रामस्वरूप जायसवाल, गोपाल गुप्ता, द्वारका टटार, रामावतार छोकर वाड़ा, उमाशंकर गुढ़ा कटला, खुशीराम माठा, हीरालाल गुप्ता, लादूराम शर्मा, केशव दुसाद, सन्नू रावत, मुकेश पीलवा, ओमप्रकाश खवा ने झंडी दिखाकर कलश यात्रा को रवाना किया। 1100 कलश लिए महिलाएं शोभायात्रा में शामिल हुई। ज्यों-ज्यों शोभायात्रा आगे बढ़ती गई, त्यों-त्यों महिलाओं की संख्या भी बढ़ती गई। यातायात सुचारू रखने के लिए पुलिसकर्मियों व कार्यकर्ताओं को काफी मशक्कत करनी पड़ी। जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। शोभायात्रा के साथ चल रहे रथ में ठाकुरजी को नगर विहार कराया गया। रथ पर कृष्ण प्रिया भी विराजित थीं। लोगों ने जगह-जगह गिरिराजधणी की आरती उतारी। शोभायात्रा में चल रहे श्रद्धालुओं के जयकारे से देव नगरी गूंज उठी। भजनों पर महिलाओं ने जमकर नृत्य किया।
यहां होकर गुजरी यात्रा: पुराने अस्पताल, बरकत स्टेच्यू, लालसोट रोड, पंचायत समिति रोड, मानगंज, गांधी तिराहा, आगरा रोड, सोमनाथ होते हुए कलश यात्रा गिरिराज धरण मंदिर पहुंची। मंदिर की सजावट अशोक चौकड़ायत ने की।
पाटोत्सव के दौरान नानी बाई के मायरा की कथा सुनाते हुए कृष्ण प्रिया ने नरसी जी के जन्म का वर्णन किया। कथा दोपहर 2 से 5:15 बजे तक होगी। कथा का समापन 25 जनवरी को होगा। इस अवसर पर लक्ष्मण स्वरूप शर्मा, कमलेश बाली, गिरिराज नांगल, हेमंत शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, रामजीलाल सैन, मुरारी पापड़दा, हरिमोहन शाहरा, जुगल सिंह, राकेश माठा, सतीश शाहरा, रमेश शास्त्री आदि ने व्यवस्था देखी।