मार्मिक कथा से भक्तों की आंखें भर आईं
कार्यालय संवाददाता - दौसा
गिरिराज धरण मंदिर में शुक्रवार को नानी बाई रो मायरो कथा का प्रसंग सुनाया गया। इसमें नरसी भक्त साधु संतों के साथ मायरा ((भात)) भरने अंजार नगर पहुंचे तो नानी बाई के ससुराल वालों ने उन्हें टूटी-फूटी जगह ठहराया। वहां नानी बाई अपने पिता से मिलने पहुंची और लौटी तो सास, ननद व देवर बोले कितना माल लाया है तेरा बाप। इस पर नानी बाई बोली- मेरे बाप के पास धन होता तो आप उन्हें टूटी फूटी जगह नहीं, बल्कि हवेली में ठहराते। नानी बाई ने आगे कहा कि मेरे बाप की आवभगत करते, लेकिन मेरा बाप तो गरीब है।
नरसीजी ने कहा कि बेटी तेरा मायरा भरने के लिए द्वारावती का नाथ तेरा भाई आएगा। उस पर विश्वास कर। उस प्रभु पर भरोसा कर। नानी बाई रो मायरा की तो ठाकुर जी ने लाज रखी...कथा को मार्मिक ढंग से सुनाया तो मौजूद माता-बहनों की आंखें भर आई। कथा से पूर्व श्याम खूंटेटा ने पूजन कराया। कथा में प्रसंग से जुड़ी झांकियां भी सजाई गईं।
गुरु के बिना नहीं मिलता ज्ञान
सिकंदरा - कस्बे की आगली कोठी ढाणी में चल रही संगीतमय भागवत को सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। भागवताचार्य जगदीशनारायण द्वारा दिए जा रहे प्रवचन एवं उनके बीच में सुनाए जा रहे भजनों पर श्रद्धालु थिरक रहे हैं।
प्रवचन देते हुए भागवताचार्य जगदीशनारायण ने कहा कि गुरु के बिना ज्ञान की प्राप्ति संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि गुरु का दर्जा सबसे ऊंचा है। इस दौरान बीच-बीच में सुनाए गए भजनों पर महिला श्रद्धालुओं ने नृत्य किया। इस दौरान सीताराम पटेल, पीडी कसाना, हरिसिंह कसाना, कमल कसाना, रामजीलाल कसाना सहित अन्य मौजूद थे।