नर्सरी में पेड़ों की जगह रह गए ठूंठ
भास्कर न्यूज. दौसा ((ग्रामीण))
ग्राम पंचायत की ओर से पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए लाखों रुपए खर्च कर लगाई नर्सरी से रोज धडल्ले से हरे पेड़ काटे जा रहे है। इससे नर्सरी धीरे-धीरे वीरान होने के कगार पर है। निगरानी के अभाव में नर्सरी में पेड़ों की जगह अब ठूंठ ही नजर आ रहे हैं।
कालोता आईटी केंद्र के पीछे नर्सरी से अब तक करीब डेढ़ हजार हरे पेड़ काटे जा चुके हैं। बाबूलाल, विजय सिंह, रामप्रसाद ने बताया कि ग्राम पंचायत ने करीब 8 बीघा चरागाह में नर्सरी तैयार की थी, लेकिन अब वहां ठूंठ ही नजर आते हैं। पंचायत कालीपहाड़ी में बाणगंगा नदी किनारे वन विभाग ने हजारों पेड़ लगाकर नर्सरी तैयार निगरानी के लिए ग्राम पंचायत के सुपुर्द कर दी थी।
रामवतार, सुरेश चंद्र ने बताया कि ग्राम पंचायत ने नरेगा योजना के तहत 8 बीघा भूमि में लाखों रुपए खर्च नर्सरी लगाई थी। देखभाल व सुरक्षा के लिए गार्ड भी लगाए थे, लेकिन ग्राम पंचायत के पास आय व बजट नहीं होने से नियुक्त गार्डों ने वेतन नहीं मिलने पर नौकरी छोड़कर चले गए। गार्डों के हटते ही पेड़ों की कटाई का सिलसिला शुरू हो गया। धीरे-धीरे नर्सरी वीरान होने के कगार पर है।
निगरानी के अभाव में नर्सरी में पेड़ों की जगह अब ठूंठ ही नजर आ रहे हैं। वन विभाग नर्सरी की देखरेख ग्राम पंचायत के क्षेत्राधिकार की बात कहकर पल्ला झाड़ रहा है, वहीं ग्राम पंचायत बजट नहीं होने की बात कहती है।
: नर्सरी से पेड़ों की कटाई हो रही है?
जवाब : ग्राम कालोता व काली पहाड़ी दोनों नर्सरियां ग्राम पंचायत के अधीन हैं।
: बाण गंगा नदी किनारे नर्सरी वन विभाग ने तैयार कराई थी?
जवाब : विभाग की ओर से कुछ समय बाद नए आदेश आ जाने के कारण तैयार नर्सरी को ग्राम पंचायत को सौंप दिया था।
: पेड़ों की कटाई रोकने की जिम्मेदारी तो वन विभाग की है?
जवाब : वन क्षेत्र में पेड़ों की कटाई की जिम्मेदारी विभाग की है, लेकिन चरागाह में पेड़ों की कटाई रोकने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग व ग्राम पंचायत की है।
: नर्सरी से हरे पेड़ों की कटाई हो रही है?
जवाब : सुबह-शाम लोग अंधेरे में पेड़ काट ले जाते हैं।
: कटाई रोकने के लिए क्या कार्रवाई कर रहे हैं?
जवाब : बजट के अभाव में कभी कभार खुद ही कोरम के साथ नर्सरी की देखभाल करने जाती हूं।
वनपाल रामस्वरूप से सवाल-जवाब
सरपंच माना देवी से सवाल-जवाब