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डाउनलोड करेंदौसा। आगरा रोड पर डेयरी के सामने की कॉलोनी में मंगलवार रात बदमाशों ने एक मकान पर फायरिंग की। गोलियां लगने से कमरे का दरवाजा छलनी हो गया। कमरे में महिला सो रही थी। गोलियों से खिड़की के शीशे टूट गए। छात्र गुटों में रंजिश के चलते पहले भी तीन बार फायरिंग हो चुकी है।
डेयरी के सामने के मकान में परीता का बास निवासी सागर मीणा की पत्नी रहती है। रात को वह कमरे में सो रही थी। रात करीब 9 बजे बदमाशों ने दरवाजे व खिड़की पर फायरिंग की। दरवाजे पर गोलियां लगने से भयभीत महिला ने परिजनों को सूचना दी।
बाद में कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची तब तक बदमाश भाग गए। पता चलने पर आसपास के लोग एकत्र हो गए। दरवाजे पर गोलियां लगने से कई छेद हो गए। छेद में छर्रे भी फंसे हुए थे। खिड़की का शीशा टूट गया।
घटना की सूचना मिलने पर एएसआई गोपाललाल जाब्ता लेकर पहुंचे, लेकिन बदमाशों को पकड़ नहीं पाए। आए दिन हो रही फायरिंग से नाराज लोगों ने पुलिस के रवैये को लेकर रोष जताया। लोगों का कहना था कि शहर में गैंगवार के चलते आबादी के बीच आए दिन बदमाश गोलियां दाग रहे हैं, लेकिन पुलिस बदमाशों को पकडऩे में नाकाम है।
छात्रसंघ चुनाव में हुए उत्पात के दौरान बदमाशों ने भारी पुलिस बल के सामने अवैध हथियारों से जमकर फायरिंग की, लेकिन फायर करने वाले तथा लूटपाट व आगजनी करने वालों के खिलाफ पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर पाई है। पुलिस ने शहर में किराएदारों की तलाशी अभियान चलाने के बावजूद एक भी अवैध हथियार बरामद नहीं किया। छात्र गुटों में फायरिंग के आरोपी नामजद होने के बावजूद पुलिस उनको गिरफ्तार नहीं कर पा रही है।
छात्र गुटों में रंजिश के चलते शहर में पहले भी फायर की घटना हो चुकी है। आगरा रोड पर 6 जनवरी को पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष संतोष मीणा की बोलेरो पर हमलावरों ने फायर कर दिया था। बाद में अनियंत्रित होकर बोलेरो पलट गई थी। बोलेरो पलटने से संतोष मीणा व एक अन्य घायल हो गया था। संतोष मीणा पर 24 फरवरी व 5 अप्रैल को भी फायर हुआ था। इस संबंध में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ने सागर मीणा सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। मंगलवार रात जिस मकान पर फायरिंग हुई। उसमें सागर मीणा की पत्नी सो रही थी।
छात्रगुटों में हो रही फायरिंग का कारण चुनावी रंजिश माना जा रहा है। एक लड़की को लेकर रंजिश के चलते फायरिंग होना भी माना जा रहा है। रात को फायर की घटना के बावजूद पुलिस अनजान बनी हुई है।
कोतवाल रामेश्वर लाल बगडिय़ा का कहना है कि फायरिंग की घटना नहीं हुई। जबकि दरवाजे पर छर्रों के निशान की बात कहने पर पुलिस टालमटोल जवाब दे रही है। डीएसपी राजेंद्र सिंह गोगावत का कहना है कि फायरिंग की सूचना मिली थी, लेकिन न तो कोई घायल हुआ और न ही कोई फरियादी रिपोर्ट देने आया।
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