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- प्रकृति में जीव जंतु और पौधों का संतुलन जरुरी
प्रकृति में जीव-जंतु और पौधों का संतुलन जरुरी
दौसा - राजकीय महिला महाविद्यालय में मंगलवार को जैव विविधता संरक्षण विषय पर कार्यशाला हुई। इसमें मुख्य वक्ता डॉ. सी.पी. महेंद्र वारिया ने कहा कि प्रकृति में सभी जीव-जंतु और पेड़-पौधों का संतुलन जरुरी है। वरना ग्लोबल वार्मिंग, ग्लेसियर का पिघलना, ग्रीन हाउस प्रभाव, कार्बन-डाइऑक्साइड का प्रतिशत बढऩा आदि खतरों को झेलने के लिए तैयार रहें।
डॉ. आर. के. श्रीवास्तव ने विलुप्त होते पेड़ पौधों व जंतुओं की प्रजातियों को बचाने के प्रयास करने की बात कही। डॉ. राजेश्वरी शर्मा ने कहा कि जिले का सर्वे कर जैव विविधता संरक्षण का रजिस्टर तैयार करने की जरूरत है। इससे विलुप्त होते पौधों की जानकारी भविष्य में मिल सके। संयोजक आर.के. धवन ने बताया कि केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के सौजन्य से राष्ट्रीय पर्यावरण जागरूकता अभियान के तहत महिला महाविद्यालय में कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में डॉ. एस.के. भाट, महेंद्र कुमार बैरवा, मीरा, पूजा बंशीवाल आदि ने भाग लिया। संचालन डॉ. वी.के. गुप्ता ने किया।
ज्योति और प्रियंका प्रथम : राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड रेंजर इकाई राजकीय महिला कॉलेज व कट्स इंटरनेशनल के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय कार्यक्रम की कड़ी में पहले पहले दिन 27 जनवरी को पोस्टर व निबंध प्रतियोगिता हुई। इसमें 48 रेंजर्स ने भाग लिया। पोस्टर प्रतियोगिता में ज्योति सोनी ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि नेहा वर्मा दूसरे व पुष्पा बैरवा तीसरे नंबर पर रहीं। इसी प्रकार निबंध प्रतियोगिता में प्रियंका डोरिया ने बाजी मारी।