धार्मिक स्थलों के बाहर भी रखी जाए सफाई
नगर संवाददाता - श्रीगंगानगर
शहर में संचालित राजकीय कार्यालयों, उपक्रमों या अन्य सरकारी, अद्र्ध सरकारी प्रतिष्ठानों के परिसर के अंदर व बाहर की सफाई की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी। इस संबंध में कलेक्टर ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सफाई को लेकर हुई बैठक में निर्देश दिए। कलेक्टर धर्मेंद्र भटनागर ने कहा कि स्थायी सफाई तथा सौंदर्यीकरण की सुविधा के लिए प्रत्येक वार्ड एवं पार्क के लिए स्थानीय नागरिकों की समितियां बनाई जाएं। ये समितियां सरकारी तंत्र के साथ मिलकर शहर के सौंदर्यीकरण में और निखार ला सकती हैं। इस बैठक में विभिन्न धार्मिक संगठनों, सेवानिवृत्त अधिकारियों, कर्मचारियों तथा वार्ड प्रभारियों ने भाग लिया। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी अभियान की सफलता जनसहभागिता पर निर्भर रहती है।
कलेक्टर ने धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों से कहा कि सभी धार्मिक स्थल अंदर से बहुत साफ-सुथरे होते हंै, लेकिन उसके बाहर या उसके सामने वाली सड़क पर सफाई न होना या कचरा पड़ा रहना, उस धार्मिक संस्थान की गरिमा को कम करता है। इसके लिए धार्मिक स्थल पर आने वाले दर्शनार्थियों में जागरूकता के साथ-साथ समितियों का गठन किया जाए, जो धार्मिक स्थल के बाहरी क्षेत्र को स्वच्छ रखने में मददगार बनेंगे। कलेक्टर ने कहा कि जो धार्मिक संगठन इस क्षेत्र में अच्छा कार्य करेगा, ऐसे संस्थानों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। बाबा दीप सिंह गुरुद्वारा की ओर से तेजेंद्रपाल सिंह टिम्मा ने ऊधमसिंह चौक से लेकर पदमपुर रोड की साफ-सफाई का जिम्मा लिया। जिला कलेक्टर ने शहर में कहीं भी गंदगी फैलाने वाले पशुपालकों, मैरिज पैलेस या ऐसे वाणिज्यिक संस्थान, जो अपने उपभोक्ताओं का कचरा सड़क पर फेंककर शहर को गंदा करते हैं, उन सभी को म्यूनिसिपल एक्ट की धारा 133 के तहत नोटिस जारी कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हंै। उन्होंने कहा कि शहर में जो संगठित क्षेत्र है, उनकी भी उतनी ही जिम्मेदारी बनती है, जितनी आम नागरिकों की। संगठित क्षेत्र शिक्षण संस्थाएं, चिकित्सकीय संस्थाएं, बड़े-बड़े वाणिज्यिक संस्थान, कंपनियों के शोरूम, मैरिज पैलेस के संचालकों को एक बार सभी नोडल अधिकारियों द्वारा समझाइश की जाएगी। इसके बाद सफाई कार्य में सहयोग नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। बैठक में एडीएम शहर किरोड़ीलाल मीणा, प्रशिक्षु आईएएस हिमांशु गुप्ता, न्यास सचिव ओपी बुनकर, नगरपरिषद आयुक्त प्रहलाद कुमार मीणा, उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक मंजू नैण गोदारा सहित विभिन्न धार्मिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों तथा सेवानिवृत्त अधिकारियों व कर्मचारियों ने भाग लिया।