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इतना घना कोहरा कि 50 मीटर तक भी कुछ साफ नहीं दिखा

8 वर्ष पहले
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श्रीगंगानगर - शुक्रवार को देश के जिस चुनिंदा शहरों में घना कोहरा छाया, उसमें श्रीगंगानगर भी शामिल था। सुबह के समय कोहरे की चादर इतनी सघन थी कि 50 मीटर दूरी तक भी कुछ साफ नहीं दिखता था। सुबह 9:00 बजे घना कोहरा रहा। इससे तापमान में गिरावट होने से ठंड असरदार हो गई। रात को फिर घना कोहरा छा गया।मौसम विभाग के अनुसार श्रीगंगानगर शहर में अधिकतम तापमान 1.3 डिग्री सेल्सियस गिरावट के साथ 18.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 1.0 डिग्री सेल्सियस गिरावट के साथ 7.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हवा में नमी सुबह 97 प्रतिशत और शाम को 76 प्रतिशत थी। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि शनिवार सुबह भी कोहरा आने की संभावना है।
गुरुवार को नमी जयादा होने की वजह से रात को ही कोहरा आने लगा था। मौसम विभाग के स्थानीय राडार स्टेशन के कर्मचारियों के अनुसार रात 1:30 बजे शहरी क्षेत्र में घना कोहरा छा गया। इससे सुबह 5:30 बजे दृश्यता 50 से भी कम हो गई। यानी 50 मीटर से कम दूरी तक ही दिखता था, वह भी धुंधला। इसके बाद सुबह 8:30 बजे भी दृश्यता इतनी ही थी। सुबह 11:30 बजे कोहरा थोड़ा छंटने लगा तब करीब 300 मीटर तक दिखने लगा। आसमान साफ होने की स्थिति में दृश्यता 4 किलोमीटर तक रहती है। कोहरा होने से सुबह के समय वाहन चालकों को दिक्कत हुई। मुख्य मार्गों पर स्लो स्पीड पर वाहन चलाने पड़े । दोपहिया वाहन चालकों को ज्यादा परेशानी हुई।
गुरुवार को अधिकतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस था।
वातावरण में नमी के संघनन से बनता है कोहरा: मौसम विभाग के जयपुर कार्यालय के विशेषज्ञों के अनुसार जब हवा में नमी की मात्रा 75 प्रतिशत से ज्यादा हो जाए तो कोहरा बनने की संभावना रहती है। नमी बढऩे और ठंडी हवाएं चलने से वातावरण में मौजूद पानी के कणों का संघनन होता है। इससे कोहरे की परत बन जाती है। यह आसमान में 600 मीटर तक रहती है।



श्रीगंगानगर में घना कोहरा क्यों

एआरएस के सहायक प्राध्यापक ((कृषि मौसम)) डॉ. आरएस मीणा के अनुसार श्रीगंगानगर क्षेत्र में नहरों का जाल होने की वजह से पर्याप्त पानी है। इससे नमी ज्यादा रहती है। हिमालय क्षेत्र से ठंडी हवाएं आने से यहां कोहरा ज्यादा होता है।