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कामकाजी महिलाओं के बच्चों के लिए 15 पालना केंद्र खोलने का प्रस्ताव भेजा

8 वर्ष पहले
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श्रीगंगानगर. महिला एवं बाल विकास विभाग ने कामकाजी महिलाओं की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जयपुर स्थित निदेशालय पर जिले में 15 शिशु पालना केंद्र खोलने के लिए प्रस्ताव भेजा है। इनमें शहर के पांच केंद्र भी शामिल हैं।

सरकारी आंकड़ों की मानें तो जिले में 12 हजार से अधिक वर्किंग वुमेन हैं। कई शिक्षित महिलाएं ऑफिस और फील्ड वर्क में हैं तो निरक्षर महिलाएं भी दूसरों के घरों में कामकाज व दूसरे अन्य काम कर अपना व परिवार का पेट पालती हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने नगर परिषद क्षेत्र में पांच केंद्र और प्रत्येक नगर पालिका में एक-एक केंद्र खोलने के लिए प्रस्ताव भेजा है। यहां कामकाजी महिलाएं अपने 6 साल तक के स्कूल न जाने वाले बच्चों को 8 घंटों के लिए छोड़कर जा सकेंगी। इन केंद्रों पर अपने बच्चों को रखने के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं देना होगा।









श्रीगंगानगर. महिला एवं बाल विकास विभाग ने कामकाजी महिलाओं की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जयपुर स्थित निदेशालय पर जिले में 15 शिशु पालना केंद्र खोलने के लिए प्रस्ताव भेजा है। इनमें शहर के पांच केंद्र भी शामिल हैं। सरकारी आंकड़ों की मानें तो जिले में 12 हजार से अधिक वर्किंग वुमेन हैं। कई शिक्षित महिलाएं ऑफिस और फील्ड वर्क में हैं तो निरक्षर महिलाएं भी दूसरों के घरों में कामकाज व दूसरे अन्य काम कर अपना व परिवार का पेट पालती हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने नगर परिषद क्षेत्र में पांच केंद्र और प्रत्येक नगर पालिका में एक-एक केंद्र खोलने के लिए प्रस्ताव भेजा है। यहां कामकाजी महिलाएं अपने 6 साल तक के स्कूल न जाने वाले बच्चों को 8 घंटों के लिए छोड़कर जा सकेंगी। इन केंद्रों पर अपने बच्चों को रखने के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं देना होगा।

॥निदेशालय को शिशु पालना केंद्र खोलने का प्रस्ताव भेजा है। निदेशालय की ओर से स्वीकृति मिलने पर जल्द ही जिले में पालना केंद्र होंगे।

- रचना भाटिया, उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग