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विशिष्ट ए और बी श्रेणी की मंडियों में किसान कलेवा योजना शुरू, योजना का नाम भी बदला
नगरसंवाददाता - श्रीगंगानगर
जिले की आठ कृषि उपज मंडी समितियों में किसानों व मजदूरों को रियायती दर पर भोजन की सुविधा मिलेगी। राज्य सरकार ने भोजन व्यवस्था के लिए चल रही आपणी रसोई योजना को नया नाम ‘किसान कलेवा योजना 2014’ शुरू की है। इसमें विशिष्ट, ए और बी श्रेणी की मंडियों में किसानों व मजदूरों को भोजन की सुविधा मिलेगी।
पहले आपणी रसोई योजना विशिष्ट और ए श्रेणी की मंडियों में ही थी। फलस्वरूप श्रीगंगानगर अनाज, अनूपगढ़, पदमपुर, रायसिंहनगर व श्रीबिजयनगर में ही रियायती दर पर भोजना की सुविधा थी। अब बी श्रेणी की मंडियों को भी इसमें शामिल करने से गजसिंहपुर, घड़साना और श्रीकरणपुर मंडी में भी यह सुविधा हो जाएगी। कृषि विपणन निदेशालय के अनुसार सी और डी श्रेणी की जिन मंडियों की आर्थिक स्थिति ठीक है। वे मंडी समितियां भी किसान कलेवा योजना शुरू कर सकती हैं। इसके लिए समितियों को प्रस्ताव पारित कर निदेशालय को भेजना होगा।
कौन होगा भोजन के लिए पात्र
मंडी में कृषि जिंस लेकर आए किसान को गेट पर एंट्री करवाने पर दो कूपन मिलेंगे। मंडी समिति में पंजीकृत मजदूर/हम्माल को भी कूपन मिलेगा।
थाली का रेट बढ़ाया
निदेशालय ने थाली का रेट बढ़ाकर 30 रुपए कर दिया है। इसमें किसान या मजदूर को 5 रुपए ही देने पड़ेंगे। बाकी 25 रुपए अनुदान मंडी समितियां देंगी। इसमें 200 ग्राम आटे की 6 चपाती, एक कटोरी दाल ((125 ग्राम)), एक कटोरी सब्जी ((125 ग्राम)), सर्दियों में अक्टूबर से मार्च तक 50 ग्राम गुड़ व गर्मियों में अपै्रल से सितंबर तक 200 एमएल छाछ मिलेगी। इससे पहले थाली का अधिकतम मूल्य 24 रुपए था।
श्रीगंगानगर मंडी में टेंडर दुबारा होंगे
श्रीगंगानगर अनाज मंडी में आपणी रसोई बंद है। इसके लिए 16 जनवरी तक टेंडर कॉल किए गए थे। लेकिन कोई टेंडर नहीं आया। अब दुबारा टेंडर कॉल किए जाएंगे।
अब आठ मंडियों में मिलेगा किसानों व मजदूरों को रियायती दर पर भोजन