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पुलिस की पिटाई से युवक का पैर टूटा

7 वर्ष पहले
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पदमपुर. दो गुटों के बीच हुए विवाद को सुलझाने पहुंची पुलिस ने रविवार शाम एक अन्य व्यक्ति को पकड़कर उसकी इतनी पिटाई कर दी कि उसके पैर में फ्रै - र हो गया। घायल युवक को सोमवार रात पदमपुर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर, पुलिस कर्मियों के इस दुव्र्यवहार से नाराज सिंधी समाज के लोगों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।

प्रहलादराम ने बताया कि उसका बेटा नानकराम सिंधी शाम को घड़साना अस्पताल में भर्ती अपनी मां लीलादेवी को खाना देकर वापस आ रहा था। रास्ते में दो गुटों के बीच विवाद हो रहा था। इस बीच वहां पहुंची पुलिस ने उसके बेटे नानकराम को पकड़ लिया और बुरी तरह से पीटा। इसके बाद उसे शांति भंग की आशंका से घड़साना के तहसीलदार के समक्ष पेश किया। प्रहलादराम ने बताया कि उसने पुलिस अफसरों से मिलकर मामले से अवगत कराया, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनीं। सोमवार को वह बेटे को लेकर श्रीगंगानगर आ रहा था। इस दौरान उसके पैर में तेजी से दर्द होने लगा। उसे अस्पताल में भर्ती कराया तो डॉक्टरों ने पैर में फ्रै - र होने की बात कही। घटना की जानकारी होने पर सिंधी समाज के लोगों ने आक्रोश व्यक्त कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उधर, इस संबंध में सीआई प्रहलादराय का कहना है कि सूचना मिलने पर झगड़ा करने वालों को पकड़कर अदालत में पेश किया। पुलिस कर्मियों द्वारा की गई मारपीट की घटना गलत है।





रावला पुलिस पर पिता का आरोप

भास्कर न्यूज - पदमपुर.

रावला में दो गुटों के बीच हुए विवाद को सुलझाने पहुंची रावला पुलिस ने रविवार शाम एक अन्य व्यक्ति को पकड़कर उसकी इतनी पिटाई कर दी कि उसके पैर में फै्रक्चर हो गया। घायल युवक को सोमवार रात पदमपुर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर, पुलिस कर्मियों के इस दुव्र्यवहार से नाराज सिंधी समाज के लोगों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रहलादराम ने बताया कि उसका बेटा नानकराम सिंधी शाम को घड़साना अस्पताल में भर्ती अपनी मां लीलादेवी को खाना देकर वापस आ रहा था। रास्ते में दो गुटों के बीच विवाद हो रहा था। इस बीच वहां पहुंची पुलिस ने उसके बेटे नानकराम को पकड़ लिया और बुरी तरह से पीटा। इसके बाद उसे शांति भंग की आशंका से घड़साना के तहसीलदार के समक्ष पेश किया। प्रहलादराम ने बताया कि उसने पुलिस अफसरों से मिलकर मामले से अवगत कराया, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनीं। सोमवार को वह बेटे को लेकर श्रीगंगानगर आ रहा था। इस दौरान उसके पैर में तेजी से दर्द होने लगा। उसे अस्पताल में भर्ती कराया तो डॉक्टरों ने पैर में फ्रैक्चर होने की बात कही। घटना की जानकारी होने पर सिंधी समाज के लोगों ने आक्रोश व्यक्त कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उधर, इस संबंध में रावला सीआई प्रहलादराय का कहना है कि सूचना मिलने पर झगड़ा करने वालों को पकड़कर अदालत में पेश किया। पुलिस कर्मियों द्वारा की गई मारपीट की घटना गलत है।