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न तो चीफ इंजीनियर से गाइडेंस मांगा, न ही जिला प्रशासन ने फॉलो किया

7 वर्ष पहले
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नगरसंवाददाता - श्रीगंगानगर.
सरकारी मेडिकल कॉलेज के स्ट्रक्चरल डिजाइन की फाइल को पीडब्ल्यूडी के एडिशनल चीफ इंजीनियर कार्यालय बीकानेर पहुंचाने में ही ज्यादा जल्दबाजी दिखाई गई। इसके बाद 10 दिन बीत गए, अभी तक फाइल स्वीकृति के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बार स्वीकृति में विलंब होने की वजह कॉलेज बिल्डिंग का ड्राइंग और स्ट्रक्चरल डिजाइन की फाइल के साथ एमओयू की कॉपी न होना है। यानी कि एडिशनल चीफ इंजीनियर कार्यालय को एमओयू की कॉपी मिलने के बाद ही फाइल थोड़ी आगे खिसकेगी। 15 जनवरी को उद्योगपति बीडी अग्रवाल से वार्ता होने के बाद जिला प्रशासन ने 16 जनवरी को स्ट्रक्चरल डिजाइन की फाइल विशेष वाहक के जरिए बीकानेर भेज दी थी।
एडिशनल चीफ इंजीनियर कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार पीडब्ल्यूडी के सर्किल कार्यालय ने बीडी अग्रवाल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का ड्राइंग व स्ट्रक्चरल डिजाइन ही मिला है। इसके साथ सरकार और बीडी अग्रवाल के बीच हुए एमओयू की कॉपी नहीं है। एमओयू में ड्राइंग, स्ट्रक्चरल डिजाइन और बिल्डिंग निर्माण के संबंध में क्या प्रावधान है, इसे देखने के बाद ही फाइल पर आधिकारिक टिप्पणी की जा सकेगी।




फिर आचार संहिता का साया पडऩे की आशंका

12 सितंबर 13 को मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास के बाद निर्माण स्वीकृति जल्द मिलने की संभावना बनी थी। शिलान्यास के समय भी जल्दबाजी की थी कि विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले शिलान्यास और निर्माण स्वीकृति जारी कर दी जाए। ताकि आचार संहिता से पहले निर्माण शुरू हो सके। तब अक्टूबर के पहले सप्ताह में आचार संहिता लग गई और निर्माण शुरू नहीं हो सकता। अब जनवरी के अंतिम दिन है। फरवरी के अंत या फिर मार्च के पहले सप्ताह में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने की संभावना जाहिर की जा रही है। स्ट्रक्चरल डिजाइन स्वीकृति के लिए चीफ इंजीनियर के गाइडेंस और ड्राइंग में आ रही आईएमए की बिल्डिंग तोडऩे के बाद जमीन खाली होने का प्रमाण पत्र देना होगा। ऐसी स्थिति में स्वीकृति में समय लेगा। अगर आचार संहिता लग गई तो मई के दूसरे सप्ताह के बाद ही कार्रवाई हो सकेगी।

बहाने बना रही है सरकार

॥फाइल के साथ एमओयू की कॉपी न होना बताकर सरकार स्वीकृति देने में बहानेबाजी कर रही है। इसमें जानबूझकर ढिलाई बरती जा रही है, जिससे आचार संहिताा लग जाए और प्रकरण को लटका दिया जाए।

-उदयपाल झाझडिय़ा, प्रदेशाध्यक्ष जमींदारा पार्टी।

फाइल किस स्टेज पर, पता कराएंगे

॥मेडिकल कॉलेज की फाइल पीडब्ल्यूडी के एडिशनल चीफ इंजीनियर कार्यालय को भेजी गई है। फाइल किस स्टेज पर है इसका पता करवाया जाएगा। आचार संहिता से पहले ही स्वीकृति लेने का प्रयास हो रहा है।

-धर्मेंद्र भटनागर, कलेक्टर एवं कन्वीनर, मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट।

ऐसा होगा हमारा मेडिकल कॉलेज

फाइल बीकानेर भेजने में जल्दबाजी दिखाई 10 दिन से स्वीकृति पर विचार तक नहीं

एमओयू मिलने के बाद ही गाइडेंस की कार्रवाई

एडिशनल चीफ इंजीनियर पीसी जाटौल के अनुसार कॉलेज की बिल्डिंग की स्वीकृति और निर्माण के लिए चीफ इंजीनियर अधिकृत हैं। चीफ इंजीनियर ने उन्हें सुपरविजन के लिए उन्हें अधिकृत किया है। सुपरविजन किस तरह रहेगा, स्ट्रक्चरल डिजाइन और निर्माण स्वीकृति के लिए चीफ इंजीनियर से गाइडेंस लिया जाएगा। एडिशनल चीफ इंजीनियर के अनुसार गाइडेंस लेने के लिए अभी तक पत्र नहीं लिखा गया है। एमओयू की कॉपी मिलने के बाद ही यह पत्र लिखा जाएगा। इसके बाद स्ट्रक्चरल डिजाइन अपू्रव होने की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।