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- ‘सरकारें बदलीं, न महंगाई घटी न भ्रष्टाचार’
‘सरकारें बदलीं, न महंगाई घटी न भ्रष्टाचार’
नगर संवाददाता - श्रीगंगानगर
न्यूनतम वेतन लागू करने और महंगाई कम करने सहित अन्य श्रमिक समस्याओं को लेकर सीटू ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया, लेकिन अधिकारियों के नहीं होने के कारण उन्होंने कोतवाल को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले सभा को संबोधित करते हुए माकपा के पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल ने कहा कि राज्य व केंद्र में सरकारें हमेशा बदलती रही हैं, लेकिन न भ्रष्टाचार कम हुआ और न महंगाई घटी। पेट्रोल-डीजल के दाम पहले तो साल-छह महीने में एक बार बढ़ते थे, लेकिन अब हर महीने इनके दाम बढ़ रहे हैं। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि आम आदमी अगर छोटा सा जुर्म करे तो उसे तत्काल गिरफ्तार किया जाता है, लेकिन नेता, मंत्री या अफसर घोटाला करे या अपराध, उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। उल्टे, घोटालेबाज नेता चुनाव लडऩे के लिए तैयार हो जाते हैं।
माकपा नेता वीएस राणा ने कहा कि अब जिंदाबाद-मुर्दाबाद करने से महंगाई कम नहीं होगी, इसके लिए सरकार से सीधी लड़ाई लडऩी होगी। उन्होंने सरकार से श्रमिक वर्ग का न्यूनतम वेतन 10 हजार रुपए तय करने की मांग करते हुए कहा कि ठेकेदारी प्रथा के माध्यम से श्रमिकों की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। असंगठित श्रमिकों को भी एक हजार रुपए की न्यूनतम पेंशन दी जाए और श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन करते हुए श्रम विभाग में रिक्त पदों को भरा जाए। सभा में मोहनलाल, जुम्माराम, खेमाराम सहित अन्य ने भी विचार रखे।