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रास्ता रोका या जीवन में संकट पैदा किया तो होगी न्यायिक कार्रवाई
नगर संवाददाता - श्रीगंगानगर
अब आपने पड़ोसी या आम आदमी के जीवन में संकट-बाधा पैदा करने वाला कोई भी काम किया तो आपके लिए महंगा पड़ सकता है। प्रशासन ने ऐसे लोगों को दस दिन का समय देते हुए ऐसी बाधा हटाने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर प्रशासन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
कलेक्टर धर्मंेद्र भटनागर के अनुसार, शिकायतें मिल रही थीं कि काफी लोग ऐसा कारोबार या गतिविधियां कर रहे हैं, जिनसे उनके पड़ोसी अथवा आम आदमी के जीवन में बाधा-संकट पैदा हो सकता है, साथ ही स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए इन्हें न्यूसेंस माना गया है।
उक्त लोगों को चेतावनी दी गई है कि वे दस दिन में अपने कारोबार या गतिविधियां बंद कर लें अथवा कहीं अन्यत्र शिफ्ट कर लें। इसके बाद प्रशासन ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। ऐसी गतिविधियों को प्रतिबंधित करने के लिए एडीएम सिटी की अध्यक्षता में कमेटी भी गठित की गई है। कमेटी में नगरपरिषद आयुक्त, यूआईटी सचिव, सीओ सिटी, पशुपालन उपनिदेशक तथा सहायक लोक अभियोजक सदस्य होंगे। यदि कोई व्यक्ति ऐसी गतिविधियों से पीडि़त है तो वह इसकी सूचना एडीएम सिटी कार्यालय में दे सकता है। इन लोगों के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 133 में न्यायिक कार्रवाई की जाएगी।
मनरेगा कर्मियों ने स्थाई होने के लिए रखा सामूहिक अवकाश
एडीएम के जरिए सीएम को भेजा ज्ञापन
श्रीगंगानगर. मनरेगा में तैनात अस्थाई कर्मियों ने मंगलवार को सामूहिक अवकाश रखकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। फिर इन्होंने एडीएम के जरिए सीएम को ज्ञापन भी भेजा। जिलाध्यक्ष संजय मांझू के नेतृत्व में कर्मियों ने कहा कि मनरेगा में विभिन्न पदों पर 13 हजार कर्मी संविदा पर पांच साल से कार्यरत हैं। सरकार अब आयुर्वेद, चिकित्सा, महिला-बाल विकास, कॉलेज शिक्षा, क्रीड़ा परिषद व पंचायतीराज की भर्ती कर रही है। मनरेगा के संविदाकर्मियों को शैक्षणिक व कार्य अनुभव के आधार पर पंचायतीराज विभाग में समायोजित किया जाए। इसके अलावा अनुभव अवधि को परिवीक्षा कालीन अवधि माना जाए।