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श्रीगंगानगर में सरकारी एग्रीकल्चर कॉलेज खुलने का प्रस्ताव

7 वर्ष पहले
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नगर संवाददाता - श्रीगंगानगर
अगर सब कुछ सही रहा तो श्रीगंगानगर स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र पर सरकारी एग्रीकल्चर कॉलेज खुलेगा। स्वामी केशवानंद राजस्थान एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी बीकानेर ने सरकार को श्रीगंगानगर में सरकारी एग्रीकल्चर कॉलेज बनाने का प्रस्ताव भेजा है। एआरएस पर कॉलेज के लिए आवश्यक सुविधाएं होने की वजह से कॉलेज को स्वीकृति मिलने की संभावना है। तीन नई एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी बनने से बीकानेर यूनिवर्सिटी का विभाजन हो चुका है। इससे इस यूनिवर्सिटी के पास एक ही सरकारी एग्रीकल्चर कॉलेज रह गया है। इस वजह से भी श्रीगंगानगर में सरकारी कॉलेज खोलने की सिफारिश की जा रही है।
यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के अनुसार बजट एंड फाइनेंस कमेटी ने भी प्रस्ताव को पास कर दिया है। प्रारंभ में कॉलेज में बीएससी एग्रीकल्चर के लिए 50 सीटें मांगी हंै। पहले यहां होर्टिकल्चर कॉलेज का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था। अब यूनिवर्सिटी के पास एक ही सरकारी एग्रीकल्चर कॉलेज रहने की वजह से एग्रीकल्चर कॉलेज ही बनाने का प्रस्ताव नए सिरे से भेजा गया है।
8 हजार रुपए सालाना फीस
में हो सकेगी पढ़ाई
वर्तमान में श्रीगंगानगर जिले में सात प्राइवेट एग्रीकल्चर कॉलेज हैं। यहां 20 हजार रुपए प्रति सेमेस्टर के हिसाब से एक वर्ष में करीब 40 हजार रुपए फीस देनी पड़ती है। सरकारी एग्रीकल्चर कॉलेज की फीस 4 हजार रुपए सेमेस्टर है। एक वर्ष की फीस 8 हजार रुपए है। बीएससी के चार वर्ष में 32 हजार रुपए फीस ही लगती है। प्राइवेट कॉलेज में डेढ़ लाख रुपए से ज्यादा फीस देनी पड़ती है।



कॉलेज को मंजूरी मिलने की संभावना

॥श्रीगंगानगर एआरएस पर एग्रीकल्चर कॉलेज खोलने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। यहां मापदंड पूरे हैं। इससे कॉलेज को मंजूरी मिलने की संभावना है।

डॉ. गोविंद सिंह, निदेशक अनुसंधान, राजस्थान एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, बीकानेर।

यूनिवर्सिटी के एग्रीकल्चर कॉलेज के डीन डॉ. आईजे गुलाटी के अनुसार तीन नई एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी जोबनेर, कोटा और जोधपुर बनने से बीकानेर यूनिवर्सिटी का विभाजन हुआ है। पहले इसमें तीन सरकारी कॉलेज बीकानेर, जोबनेर और लालसोट थे। अब बीकानेर में एक ही सरकारी कॉलेज रह गया है। प्रस्ताव में बताया गया है कि एकेडमिक गतिविधियां संचालित करने के लिए यूनिवर्सिटी में एक और सरकारी कॉलेज की जरूरत है। श्रीगंगानगर कृषि प्रधान जिला है। यहां एआरएस में कॉलेज की कक्षाएं लगाने के लिए बिल्डिंग, प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर और प्रयोगशालाएं हैं। एआरएस का अपना फार्म हाउस भी है। इससे कॉलेज खुलने के सारे मापदंड भी पूरे हो रहे हैं। स्वीकृति मिलने की स्थिति में यहां तुरंत कॉलेज प्रारंभ किया जा सकता है।

कॉलेज के लिए श्रीगंगानगर ही उपयुक्त क्यों