संस्कृतियों के संगम से सराबोर हुई शाम
नगर संवाददाता - हनुमानगढ़
‘धरती धोरां री’ सांस्कृतिक कार्यक्रम में शनिवार को कई राज्यों की संस्कृति का मेल हुआ। जब विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने लोक नृत्य पेश किए तो भटनेर नगरी की शाम संस्कृति से सराबोर हो गई। एक ही जगह पर जब एक साथ पांच संस्कृतियों का संगम हुआ तो हर तरफ उत्साह की गूंज सुनाई पड़ी। लोक नृत्यों में मध्यप्रदेश के कलाकारों ने खुशी को व्यक्त करते हुए ‘बधाई हो’ लोक नृत्य के माध्यम से पेश किया तो यूपी के कलाकारों ने लोक नृत्य के साथ धार्मिक प्रवृत्ति को दर्शाया। उन्होंने नृत्य के साथ अग्नि के करतबों से श्रोताओं को हैरत में डाल दिया। हरियाणा के ठाठ-बाठ और व्यंग्यात्मक शैली दर्शकों को खूब भाई तो पंजाब की उमंग ने कार्यक्रम का आनंद बढ़ा दिया। उत्तराखंड के कलाकारों ने भी रंगारंग प्रस्तुतियां दी। हंसवाहिनी संगीत कला मंदिर की टीम ने म्यूजिक में साथ दिया। शाम चार बजे जंक्शन के बसंत विहार पैलेस में हुआ कार्यक्रम आठ बजे तक चलता रहा। मंच संचालन पवन कौशिक ने किया।
संस्कृति और सभ्यता से होती है पहचान
अमृत मॉडल कांवेंट स्कूल जंक्शन और उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र इलाहाबाद के तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम का आगाज मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला कलेक्टर बीएल मेहरड़ा ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि संस्कृति और सभ्यता से किसी भी राज्य की पहचान होती है। इसलिए अपनी संस्कृति को कभी भूलना नहीं चाहिए। उन्होंने बाहर से आए कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की। अध्यक्षता व्यापार मंडल शिक्षा समिति के अध्यक्ष बालकिशन गोल्याण ने की। विशिष्ट अतिथि प्रमोद खारीवाल थे। इसके अलावा प्रवीण सिंगला व बलविंद्र गोयल आदि मौजूद थे।