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पुलिस से मारपीट के मामले में कोर्ट ने एफआर ठुकराई
नगर संवाददाता हनुमानगढ़. टाउन पुलिस से मारपीट करने के मामले में कोर्ट ने प्रसंज्ञान लेते हुए हनुमानगढ़़ पंचायत समिति की डायरेक्टर गीतादेवी व सरपंच पति गोवर्धनसिंह को जमानती वारंट से तलब करने का आदेश दिया है। जबकि पुलिस अधिकारियों ने इस मामले को झूठा बताते हुए एफआर मंजूरी के लिए एसीजेएम कोर्ट में पेश की थी। इस आदेश के बाद पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। खास बात यह है कि तीन जांच अधिकारियों ने इस मामले को सही बताया था और तत्कालीन एसपी ने चालान के भी आदेश दिए थे लेकिन बाद में इस मामले में एफआर लगा दी गई।
यह है मामला
टाउन पुलिस थाना के तत्कालीन एएसआई धर्मसिंह ने 12 अगस्त 2012 को मामला दर्ज करवाया था कि उसके नेतृत्व में पुलिस टीम किशनपुरा दिखनादा गई हुई थी। जांच के दौरान जगसीरसिंह के कब्जे से 40 बोतल हथकढ़ शराब पकड़ी थी। जगसीरसिंह को बचाने के लिए पंचायत समिति डायरेक्टर गीतादेवी व सरपंच पति गोवर्धनसिंह लाठियां लेकर आए और उनके ऊपर हमला बोल दिया। इस संबंध में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 332 व 353 के तहत मामला दर्ज किया था।
हनुमानगढ़ - टाउन पुलिस से मारपीट करने के मामले में कोर्ट ने प्रसंज्ञान लेते हुए हनुमानगढ़़ पंचायत समिति की डायरेक्टर गीतादेवी व सरपंच पति गोवर्धनसिंह को जमानती वारंट से तलब करने का आदेश दिया है। जबकि पुलिस अधिकारियों ने इस मामले को झूठा बताते हुए एफआर मंजूरी के लिए एसीजेएम कोर्ट में पेश की थी। इस आदेश के बाद पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। खास बात यह है कि तीन जांच अधिकारियों ने इस मामले को सही बताया था और तत्कालीन एसपी ने चालान के भी आदेश दिए थे लेकिन बाद में इस मामले में एफआर लगा दी गई।
यह है मामला
टाउन पुलिस थाना के तत्कालीन एएसआई धर्मसिंह ने 12 अगस्त 2012 को मामला दर्ज करवाया था कि उसके नेतृत्व में पुलिस टीम किशनपुरा दिखनादा गई हुई थी। जांच के दौरान जगसीरसिंह के कब्जे से 40 बोतल हथकढ़ शराब पकड़ी थी। जगसीरसिंह को बचाने के लिए पंचायत समिति डायरेक्टर गीतादेवी व सरपंच पति गोवर्धनसिंह लाठियां लेकर आए और उनके ऊपर हमला बोल दिया। इस संबंध में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 332 व 353 के तहत मामला दर्ज किया था।