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सिंचाई विभाग नहर किनारे से हटाएगा अवैध अतिक्रमण
हनुमानगढ़. भाखड़ा सिद्धमुख रेगुलेशन खंड में सिंचाई पानी की चोरी के मुद्दे को लेकर कलेक्टर पीसी किशन ने सोमवार को जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। इसमें कलेक्टर ने कहा कि नोहर, भादरा क्षेत्र में सिंचाई पानी की चोरी हो रही है। चोरी पानी करोड़ों रुपए में आगे बेचा जा रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनानी होगी। जल संसाधन विभाग के भाखड़ा सिद्धमुख रेगुलेशन खंड के एसई आरसी गुप्ता ने बताया कि नहर की पटरियों के पास अवैध निर्माण करके पानी चोरी के लिए पाइपें लगाई गई हैं। पाइपें कई किलोमीटर तक लंबी हैं और इन्हें छिपाने के लिए नहरों के आसपास अवैध काश्त भी की जा रही है। सभी तरह के अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस और प्रशासनिक की मदद की जरूरत है। जिला प्रशासन सात जेसीबी और जाब्ता प्रदान करे तो अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। इस पर कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग को सभी संसाधन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। बैठक में एडीएम बीएल मेहरड़ा, सभी एसडीएम व जल संसाधन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
विभाग ने जारी किया नोटिस
बैठक के बाद जल संसाधन विभाग की ओर से नहरों के किनारे अतिक्रमण करने वालों को नोटिस जारी किया गया। विभाग ने सभी अतिक्रमण तुरंत हटाने के निर्देश दिए। एसई आरसी गुप्ता ने बताया कि नहर विभाग द्वारा निर्धारित सीमा में अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ एक फरवरी से अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान सिद्धमुख फीडर के आरडी 0 से 64.500 टेल तक चलाया जाएगा। अभियान के दौरान हर प्रकार के अवैध निर्माण के अलावा नहर की सीमा में की जा रही अवैध काश्त, आड़ आदि को भी हटाया जाएगा। विभाग ने नोटिस के माध्यम से नहर की सीमा के संबंध में पूरी जानकारी भी दी है।
नगर संवाददाता - हनुमानगढ़
भाखड़ा सिद्धमुख रेगुलेशन खंड में सिंचाई पानी की चोरी के मुद्दे को लेकर कलेक्टर पीसी किशन ने सोमवार को जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। इसमें कलेक्टर ने कहा कि नोहर, भादरा क्षेत्र में सिंचाई पानी की चोरी हो रही है। चोरी पानी करोड़ों रुपए में आगे बेचा जा रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए ठोस कार्ययोजना ड्डजल संसाधन विभाग के भाखड़ा सिद्धमुख रेगुलेशन खंड के एसई आरसी गुप्ता ने बताया कि नहर की पटरियों के पास अवैध निर्माण करके पानी चोरी के लिए पाइपें लगाई गई हैं। पाइपें कई किलोमीटर तक लंबी हैं और इन्हें छिपाने के लिए नहरों के आसपास अवैध काश्त भी की जा रही है। सभी तरह के अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस और प्रशासनिक की मदद की जरूरत है। जिला प्रशासन सात जेसीबी और जाब्ता प्रदान करे तो अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। इस पर कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग को सभी संसाधन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। बैठक में एडीएम बीएल मेहरड़ा, सभी एसडीएम व जल संसाधन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
विभाग ने जारी किया नोटिस
बैठक के बाद जल संसाधन विभाग की ओर से नहरों के किनारे अतिक्रमण करने वालों को नोटिस जारी किया गया। विभाग ने सभी अतिक्रमण तुरंत हटाने के निर्देश दिए। एसई आरसी गुप्ता ने बताया कि नहर विभाग द्वारा निर्धारित सीमा में अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ एक फरवरी से अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान सिद्धमुख फीडर के आरडी 0 से 64.500 टेल तक चलाया जाएगा। अभियान के दौरान हर प्रकार के अवैध निर्माण के अलावा नहर की सीमा में की जा रही अवैध काश्त, आड़ आदि को भी हटाया जाएगा। विभाग ने नोटिस के माध्यम से नहर की सीमा के संबंध में पूरी जानकारी भी दी है।