150 ग्राम की तिल्ली ८ किलो हो गई
जयपुर - अजमेर निवासी ५३ वर्षीय एक मरीज के पेट से डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर करीब ८ किलो की तिल्ली ((प्लीहा)) निकाली है। आम तौर पर सामान्य व्यक्ति में तिल्ली 150 ग्राम की होती है, लेकिन इस मरीज की तिल्ली धीरे-धीरे बढ़कर आठ किलो की हो गई। इससे संक्रमण से लडऩे वाली कोशिकाओं का बनना कम हो गया था। बाहरी रोगाणुओं को पकड़कर फिल्टर करने की क्षमता कम हो रही थी। इस गांठ को समय पर नहीं निकालने पर मरीज मौत के मुंह में जा सकता था। मरीज भगवान दास के भाई दौलत.टी. ज्ञानचंदानी का कहना है कि दिल्ली, गुजरात के बड़े अस्पतालों में दिखाया, लेकिन वहां के डॉक्टरों ने मना कर दिया।
मालवीय नगर के रूंगटा हॉस्पिटल के ऑपरेशन करने वाले डॉ. ए.के. माथुर का कहना है कि उन्होंने इतनी बड़ी साइज की तिल्ली पहली बार देखी है। वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार अब तक 6.5 किलो की तिल्ली मिली है। इस मरीज की तिल्ली का निकालना आसान नहीं था। निमोनिया व मैनिन्जाइटिस बीमारी के खतरे को देखते हुए ऑपरेशन से पहले ही इनका टीका लगा दिया था। डॉ. माथुर ने बताया कि मरीज एब्डोमिनल लिम्फोमा नामक बीमारी हो सकती है। इसकी जांच कराई है। इसके बाद ही बीमारी तथा इसके कारण का पता लग पाएगा। ऑपरेशन में डॉ.ओंकार सिंह व डॉ.मनीष गुप्ता का सहयोग रहा।