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एक फीडर का शटडाउन दिया, दूसरा भूले हेल्पर को 11 केवी का करंट
भास्कर न्यूज - जयपुर
बासबदनपुरा में बांस की पुलिया के पास गुरुवार को बिजली पोल पर मेंटिनेंस का काम कर रहे हेल्पर विजय कुमार को 11 केवी लाइन की लाइन से करंट लग गया। करंट से विजय पोल से 20 फीट नीचे गिर गया और शरीर के कई हिस्सों से मांस के चीथड़े निकल गए। हादसे में विजय की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हेल्पर की मौत देखकर साथ गए कर्मचारी बदहवास हो गए। बिजली कर्मचारी कन्हैया लाल को तो एसएमएस अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा। बिजली कंपनी जेवीवीएनएल के एक्सईएन नवीन जैन, एईएन एलएन कुमावत, जेईएन ओमप्रकाश जाटव समेत अन्य उच्चाधिकारियों को बिजली कर्मचारियों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों ने इस घटना के लिए अफसरों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया और उनके खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि कई साल से लाइनमैन के पद खाली हैं, जिस कारण हेल्परों को मेन लाइन पर काम करना पड़ रहा है।
नला पावर हाउस निवासी विजय कुमार सोलंकी ((40)) पिता की मौत के बाद अनुकंपा के आधार पर बिजली कंपनी में तकनीकी हेल्पर नियुक्त हुआ था। उसकी ड्यूटी ब्रह्मपुरी में नहर के गणेश मंदिर के पास पावरहाउस में थी। गुरुवार सुबह हेल्पर इंचार्ज जसवंत सिंह के साथ 10-12 कर्मचारियों की टीम इलाके में बिजली लाइन की मेंटिनेंस करने गई थी। इसके लिए शटडाउन दिया गया था। दोपहर 12 बजे विजय कुमार, कन्हैयालाल, जसवंत सिंह, प्रकाश सैनी बांस की पुलिया पर पहुंचे। इसी दौरान बिजली पोल पर मेंटिनेंस के लिए चढ़ा विजय कुमार 11 केवी की लाइन की चपेट में आ गया। साथी कर्मचारी विजय को एसएमएस अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। विजय कुमार की मां सुशीला, भाई व अन्य रिश्तेदार मौके पर रोते बिलखते पहुंचे।
तीन बच्चों, पत्नी व मां के पालन पोषण का जिम्मा था
परिजनों ने बताया कि बरसों पहले बिजली विभाग में कार्यरत पिता की मौत के बाद विजय को अनुकंपा नौकरी मिली। उसके तीन छोटे बच्चे हैं। पत्नी हेमा के अलावा बुजुर्ग मां सुशीला के पालन पोषण का जिम्मा भी विजय पर ही था। उसकी मौत की सूचना पर घर में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के बाद शव को उसके घाटगेट स्थित पैतृक घर ले जाया गया।
उधर, एक कर्मचारी के परिजनों को 10 लाख की सहायता
जयपुर विद्युत वितरण निगम ने सहायक अभियंता बारां के एसएसए द्वितीय के पद पर रहते हुए बिजली दुर्घटना के मृतक नंदलाल सुमन के आश्रितों को 10 लाख रुपए की सहायता दी है। निगम के प्रबंध निदेशक एके गुप्ता ने गुरुवार को राशि स्वीकृति के आदेश जारी कर दिए। सुमन की अगस्त 2013 में कार्य के दौरान ही बिजली दुर्घटना के कारण मौत हो गई थी।
जेईएन ने कहा- कई वर्षों से हैं हेल्पर, उन्हें लाइन के बारे में पता होना चाहिए
मुर्दाघर पर मौजूद जेईएन ओमप्रकाश जाटव ने बताया कि नहर के गणेश मंदिर
पावर हाउस में जॉइन किए 6 माह हुए हैं। तकनीकी हेल्पर वहां वर्षों से हैं। उन्हें
लाइन का ज्यादा पता होना चाहिए। मेंटेनेंस के वक्त साइट पर नहीं होने के बारे में
बताया-मैं घर पर था। ऑफिस जाने में देरी हो गई थी। इससे मौके पर नहीं जा सका।
एक्सईएन नवीन जैन ने बताया कि बांस की पुलिया के पास 11 केवी एचटी लाइन के बिजली पोल पर डबल फीडर करंट था। मौलाना शाह की दरगाह के फीडर पर बिजली सप्लाई इलाके से जुड़ी थी, जबकि यहां गंगापोल फीडर भी था। काम करने के लिए मौलाना शाह की दरगाह फीडर का शटडाउन ले लिया, लेकिन दूसरे फीडर पर ध्यान नहीं दिया। हेल्पर काम करने लगा तो दूसरे फीडर से आ रहा करंट लग गया। राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा और सीटू के महासचिव किशोर सिंह ने बताया कि पोल पर कुछ दिन पहले ही जंपर के माध्यम से डबल करंट ट्रांसफर किया था। इस बारे में एईएन व उच्चाधिकारियों ने हेल्परों को बताया ही नहीं। इसीलिए हादसा हुआ। मेंटेनेंस के दौरान तकनीकी जानकारी देने के लिए जेईएन ओमप्रकाश जाटव को मौके पर होना चाहिए था, लेकिन उन्होंने मौखिक निर्देश देकर शटडाउन करवाया।
डबल करंट छोड़ रखा था, हेल्परों को बताया ही नहीं