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समस्याएं बढ़ीं तो मुखर हुए मूक-बधिर बच्चे

8 वर्ष पहले
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वाधवानी को प्रिंसिपल लगाने, सफाई व भोजन की गुणवत्ता सुधारने सहित 16 मांगों को लेकर दिया धरना, मांग मानने के बाद शाम को धरना खत्म

भास्कर न्यूज. जयपुर

सेठ आनंदीलाल पोद्दार राजकीय मूक बधिर स्कूल के विद्यार्थियों ने गुरुवार को भूख हड़ताल कर दी। उन्होंने स्कूल के पूर्व प्रिंसिपल महेश वाधवानी को वापस स्कूल में लगाने सहित 16 मांगों को लेकर पहले तो कक्षाओं का बहिष्कार किया, उसके बाद स्कूल के बाहर आकर धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने कुछ देर के लिए स्कूल पर ताला भी लगा दिया। शाम को शिक्षा विभाग ने वर्तमान प्रिंसिपल शीला देवी को एपीओ करके वाधवानी को इस पद का अतिरिक्त कार्यभार दे दिया। इसके बाद विद्यार्थियों ने धरना खत्म कर दिया।

इससे पहले हाथों में अपनी मांगों की पट्टियां लेकर वे दिनभर धरने पर बैठे रहे। सूचना पर शिक्षा उपनिदेशक कमलेश शर्मा मौके पर पहुंचे। विद्यार्थियों ने उनसे भोजन की गुणवत्ता सुधारने, हॉस्टल में सफाई की समुचित व्यवस्था करने, बस सुविधा उपलब्ध कराने, प्रिंसिपल शीला देवी व दो शिक्षकों हरिओम जैमन व पवन कुमार को हटाने, शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी से मुक्त करने, राजस्थान यूनिवर्सिटी में बारहवीं के बाद पढ़ाई की व्यवस्था करने सहित 16 मांगें रखीं। यहां अधिकारियों और विद्यार्थियों के बीच कई दौर की वार्ता हुई। इसमें अधिकतर मांगों पर सहमति बन गई, लेकिन विद्यार्थी शिक्षामंत्री को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। शर्मा ने बच्चों की मांग उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दी। शर्मा ने बताया कि निदेशालय से दुर्गापुरा स्कूल के प्रिंसिपल महेश वाधवानी को इस स्कूल का अतिरिक्त कार्यभार देने और वर्तमान प्रिंसिपल शीला देवी को एपीओ करने का आदेश मिला। इससे बच्चों को अवगत करा दिया गया। इसके बाद बच्चों ने धरना खत्म कर दिया।

शिक्षकों ने किया विरोध : प्रिंसिपल को एपीओ करने की सूचना के बाद स्कूल के स्टाफ डीडी कमलेश शर्मा के सामने विरोध दर्ज कराया। स्टाफ का कहना था कि बिना किसी कारण से किसी को एपीओ नहीं किया जा सकता। बाद में शर्मा ने स्टाफ को समझाया।