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गहलोत सरकार के फैसलों को पलटा, वनों की कटाई पर जुर्माना घटाया

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - जयपुर
चुनाव से पहले सुराज संकल्प यात्रा के दौरान किए वादों को पूरा करने के लिए भाजपा सरकार ने गहलोत सरकार के दो फैसलों को बदल दिया। पेड़ों की कटाई, छंगाई, अतिक्रमण के मामलों में जुर्माना घटाकर 25 हजार की बजाए पांच सौ कर दिया है। पूर्व सरकार ने वन अधिनियम में संशोधन करके जुर्माना 25 हजार रुपए किया था। दूसरा बड़ा फैसला रोजगार सृजन के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राजस्थान मिशन ऑन लाइवलीहुड ((आरमोल)) के पुनर्गठन का रहा। पिछली सरकार ने आरमोल के स्थान पर राजस्थान कौशल एवं आजीविका मिशन का गठन किया था।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रिमंडल की बैठक में ये फैसले हुए। चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने बताया कि पिछली सरकार ने वन अधिनियम 1953 की धारा 26 व 33 में संशोधन किया था। तब भाजपा ने इसका विरोध किया था। यह संशोधन वन उपज के खिलाफ था। इस नियम के कारण कोई वन में मवेशी चराता है, या असावधानी के चलते कोई वन में घुस जाता है अथवा वृक्ष गिरने के बाद कोई लकड़ी काट लेता है तो 25 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान था। अब जुर्माना पांच सौ रुपए होगा।
राठौड़ ने बताया कि सुराज संकल्प पत्र में भाजपा ने पांच साल में 15 लाख युवाओं को रोजगार का वादा किया था। बेरोजगारों को रोजगार के अवसर सुलभ कराने के लिए ‘आरमोल‘ का पुनर्गठन किया गया है। इसमें आठ विभाग आयोजना, विद्युत, कृषि एवं पशुपालन, पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास, उद्योग, तकनीकी शिक्षा, पर्यटन एवं नगरीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव, 6 विषय विशेषज्ञ और औद्योगिक क्षेत्र के 6 प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। आरमोल के उपाध्यक्ष राजस्थान कौशल एवं आजीविका निगम ((आएसएलडीसी)) के अध्यक्ष होंगे। राज्य सरकार ने वर्ष 2004 में ‘राजस्थान मिशन ऑन लाइवलीहुड‘ ((आरमोल)) का गठन किया था, लेकिन पिछली सरकार ने इसके स्थान पर नाममात्र के लिए राजस्थान कौशल एवं आजीविका मिशन का गठन करते हुए उसके तहत एक परिषद भी बनाई, जिसकी एक भी बैठक नहीं हुई। इस वजह से आरमोल द्वारा प्रारम्भ आजीविका के अवसर निर्माण की मुहिम में व्यवधान आ गया था।