- Hindi News
- नए बिल के अधीन नहीं आएगी रिंग रोड, 360 मीटर में ही बनेगी
नए बिल के अधीन नहीं आएगी रिंग रोड, 360 मीटर में ही बनेगी
भास्कर न्यूज - जयपुर
राजधानी की 47 किमी लंबी रिंग रोड केंद्र के भूमि अधिग्रहण बिल के अधीन नहीं आएगी। इसकी पूरी जमीन पहले ही जेडीए को सरेंडर की जा चुकी है। उसकी एवज में 25 प्रतिशत विकसित जमीन के नियम से 80 प्रतिशत मुआवजा दिया जा चुका है। जिन किसानों ने मुआवजा ले लिया और जमीन पर अतिक्रमण कर दिए, उन्हें अवैध मानकर कार्रवाई होगी। उनको बचा हुआ या कोर्ट में जमा मुआवजा अब नहीं दिया जाएगा। रिंग रोड 360 मीटर चौड़ाई में ही विकसित होगी। संघर्ष समिति की 90 मीटर चौड़ी रोड की मांग नहीं मानी जाएगी। परियोजना की परिकल्पना ही 360 मीटर चौड़ी जमीन अवाप्त करते हुए की गई थी, इसलिए जो लोग विरोध करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। यह निर्णय मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के मुख्य सचिव को रिंग रोड को लेकर दिए निर्देश के बाद जेडीए में नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव डीबी गुप्ता की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में हुआ। गुप्ता ने टाइम बाउंड एक्शन प्लान बनाकर जेडीए अधिकारियों से रिंग रोड का निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए। सबसे पहले रोड का निर्माण वहां शुरू होगा, जहां अधिग्रहीत भूमि की लीज डीड जारी हो चुकी है।
समय पर रिंग रोड नहीं बनी तो लागत बढ़ जाएगी
जेडीए अफसरों ने कहा कि जब तक सरकार सख्त कदम उठाने के स्पष्ट निर्देश नहीं देगी, तब तक रिंग रोड का निर्माण नहीं हो सकेगा। इस पर गुप्ता ने कहा कि छह साल से मामला अटक रहा है। समय पर रिंग रोड नहीं बनी तो इसकी लागत बढ़ जाएगी। इसमें जो बाधाएं आ रही हैं, उनको सूचीबद्ध करें। जल्द सरकार से राय लेंगे।
3 फ्लाईओवर के लिए 100 हेक्टेयर और जमीन लेंगे
डीबी गुप्ता को जेडीए अधिकारियों ने बताया कि रिंग रोड के ट्रांसपोर्ट और डवलपमेंट कॉरीडोर के लिए 360 मीटर चौड़ाई में 47 किलोमीटर लंबी जमीन की अवाप्ति तो पूरी हो चुकी है, लेकिन अजमेर रोड, टोंक रोड और आगरा रोड हाईवे पर इंटरचेंजिंग फ्लाई ओवर के लिए 100 हेक्टेयर जमीन की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए अवाप्ति शुरू नहीं की गई है। इस पर गुप्ता ने कहा कि जेडीए रोड निर्माण के साथ नई जमीन अवाप्ति की भी कार्रवाई शुरू करे।
क्लोवरलीफ का प्रस्ताव 7 दिन में सरकार को भेजेंगे
बैठक में तय हुआ कि जोन 14 एके उपायुक्त 7 दिन में टोंक रोड पर क्लोवरलीफ के लिए भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार करके सरकार के पास भेजेंगे। परियोजना के लिए आवश्यक वन विभाग की 5.51 हेक्टेयर जमीन के एवज में गैर वन भूमि जयरामपुरा में देने का अनुमोदन किया गया। मुहाना में परियोजना क्षेत्र में आरक्षित भूमि की प्लानिंग 3 दिन में तैयार करने के निर्देश दिए।
टोल प्लाजा की लोकेशन तक तैयार नहीं
बैठक में जेडीए अधिकारियों ने बताया कि रिंग रोड के दो टोल प्लाजा बनाए जाएंगे। इस पर उनका स्थान पूछा गया तो किसी के पास जवाब नहीं था कि कहां बनेंगे। उनको निर्देश दिया कि दोनों टोल प्लाजा की लोकेशन शीघ्र तैयार करें। टोल प्लाजा के विस्तार को ध्यान में रखते हुए 360 मीटर अतिरिक्तभूमि को आरक्षित रखें।
नॉर्थ कॉरिडोर में लागू होगा नया एक्ट
रिंग रोड के लिए 47 किलोमीटर जमीन तो पुराने एक्ट के तहत अवाप्त की जा चुकी है, लेकिन बैठक में सामने आया कि नॉर्थ कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। इसके लिए जमीन अवाप्ति अब नए भूमि अधिग्रहण बिल के तहत की जाएगी।