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डाउनलोड करेंजयपुर. निजी स्कूल अब प्रवेश फॉर्म को मनमानी कीमत पर नहीं बेच सकेंगे। निजी शिक्षण संस्थाएं फीस निर्धारण कमेटी ने कीमत पर अंकुश की कवायद प्रारंभ कर दी है। कमेटी ने फॉर्म की कीमत 200 रुपए तय कर निजी स्कूलों से आपत्ति मांगी है। फीस व खर्चों की जानकारी देने की अंतिम तिथि भी 15 दिन बढ़ाई गई है। निजी स्कूलों में प्रवेश फॉर्म 100 से 2000 रुपए में बेचे जा रहे हैं।
कमेटी के अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश शिवकुमार शर्मा ने बताया कि निजी स्कूलों द्वारा ली जा रही प्रवेश फॉर्म की मनमानी कीमत पर शिकायत प्राप्त हुई थी। इसके बाद कमेटी ने प्रवेश फॉर्म की कीमत 200 रु.तय कर स्कूलों को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि कीमत पर स्कूल 30 दिन में आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
37 हजार में से 1729 निजी स्कूलों ने दी जानकारी : पूर्व न्यायाधीश शर्मा ने बताया कि अब तक प्रदेश के 1729 निजी स्कूलों ने फीस व खर्चों की जानकारी दी है। शर्मा ने कहा कि जिन 9 निजी स्कूलों की फीस सबसे पहले निर्धारित होनी, उन्होंने भी पूरी जानकारी नहीं भेजी है। इसको देखते हुए फीस भेजने की अंतिम तिथि 15 दिन बढ़ा दी है।
फीस की सूचना लेने की तिथि बार-बार बढ़ाने का विरोध : पेरेंट्स वेलफेयर सोसायटी के संयोजक दिनेश कांवट का कहना है कि फीस कमेटी बार-बार फीस व खर्चों को भेजने की तिथि बढ़ा रही है। इससे लगता है कि कमेटी फीस का निर्धारण नहीं कर, निजी स्कूलों को मनमानी करने की छूट दे रही है। कमेटी को कुछ निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
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