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डाउनलोड करेंजयपुर. राज्यपाल मारग्रेट अल्वा ने कहा कि चुनाव आयोग की सख्ती ने लोकतंत्र के उत्सव को शोक सभा में बदल दिया है। नए-नए नियम आ गए हैं। इससे चुनाव प्रचार करना मुश्किल हो गया है।
ओटीएस सभागार में शनिवार को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर हुए राज्य स्तरीय समारोह में राज्यपाल ने कहा- एक्सपेंडीचर कम होना चाहिए, इसके ऊपर कंट्रोल रखिए, लेकिन मैं यह विश्वास रखती हूं कि चुनाव हमारे लोकतंत्र का उत्सव है। इसमें हर वर्ग, हर जाति और गरीब अमीर लोग एक साथ मिलकर भाग लेते हैं। जब ये डेमोक्रेसी के सेलिब्रेशन में भाग लेते हैं तभी तो डेमोक्रेसी ग्रास रूट से जुड़ेगी।
कैंडीडेट्स का आधा समय तो कभी निर्वाचन के फाइनेंशियल कंट्रोलर, तो कभी डीएम ऑफिस में गुजर जाता है। मैंने एक बार कहा कि आपने लोकतंत्र के उत्सव को शोकसभा में बदल दिया है। एक मतदाता, प्रत्याशी, एज ए कैंपेन और कैंपेन मैनेजर के रूप में मेरा खासा अनुभव रहा है। कई बार चुनाव आयोग से तो पंगा भी लिया, क्योंकि जो नए-नए नियम आ रहे हैं, उससे कैंपेन करना भी मुश्किल हो रहा है।
आठ रुपए की टी-शर्ट को
अकाउंट में लगाते हैं त्र ४०
इनका हुआ सम्मान
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