अग्निपरीक्षा में खरे उतरे नए कलाकार
सिटी रिपोर्टर जयपुर
हर युग में नारी को ही क्यों अग्निपरीक्षा देनी पड़ती है? इस प्रश्न पर शनिवार को रवींद्र मंच पर गहन विमर्श किया गया। मौका था परंपरा नाट्य समिति की ओर से डॉ. हरिराम आचार्य के नाटक ‘अग्निपरीक्षा’ के मंचन का। इसका निर्देशन तमाशा शैली के कलाकार दिलीप भट्ट ने किया। इसमें शहर के एक दर्जन से भी अधिक नवांकुर कलाकारों ने अभिनय किया। दिलीप ने बताया कि यह नाटक संस्था की ओर से आयोजित की गई एक महीने की कार्यशाला में तैयार करवाया गया है। इसमें अभिनय करने वाले कलाकारों ने थियेटर पर पहली बार कदम रखा है। इस नाटक में दिलीप ने पहली बार तमाशा शैली के अंशों का मंच पर प्रयोग किया। हर बार इसमें अनुभवी कलाकारों की टीम शिरकत करती है, पहली बार इसे नए रंगकर्मियों की टीम से तैयार करवाया गया है। अभिनय की दृष्टि से कलाकारों ने अपने-अपने किरदार के साथ न्याय किया।
 रवींद्र मंच पर नाटक ‘अग्निपरीक्षा’ का मंचन करते कलाकार।
रवींद्र मंच पर नाटक में हुआ स्त्री के वजूद पर विमर्श