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कमेटी ने निगम से पूछा 106 फीट चौड़ाई से ही क्यों हटाए अतिक्रमण
नगर संवाददाता. जयपुर
अमानीशाह नाले में अतिक्रमण की मौजूदा स्थिति की जांच के लिए हाईकोर्ट की ओर से गठित अधिवक्ता सुरेश पारीक व वीरेन्द्र डांगी की कमेटी की बैठक शनिवार को स्वायत्त शासन विभाग में हुई। बैठक में जेडीए, नगर निगम व हाउसिंग बोर्ड के अफसरों ने भाग लिया। इस दौरान जयपुर नगर निगम के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर डीके मीणा ने कहा कि उन्होंने निगम क्षेत्र में 106 फीट चौड़ाई से अतिक्रमण हटा दिए हैं। इस पर कमेटी सदस्यों ने कहा कि हाईकोर्ट ने तो 150 फीट चौड़ाई से अतिक्रमण हटाने के लिए कहा है तो उन्होंने 106 फीट चौड़ाई से ही अतिक्रमण क्यों हटाए। कमेटी ने कहा कि वे इस संबंध में पूरा रिकॉर्ड कमेटी को दें। जेडीए अधिकारियों ने बताया कि उनके बहाव क्षेत्रों से 210 फीट में कार्रवाई करते हुए अतिक्रमणों को हटाने के साथ ही लोगों का पुर्नवास किया गया है। बैठक के दौरान कमेटी ने निर्णय लिया कि सबसे पहले एक फरवरी से नगर निगम क्षेत्र के अतिक्रमणों का निरीक्षण किया जाएगा। बैठक में जेडीए के अतिरिक्त आयुक्त अनिल अग्रवाल सहित जोन के अफसर, हाउसिंग बोर्ड व जयपुर नगर निगम के अफसर मौजूद थे।
हाईकोर्ट ने दिया था बैठक का निर्देश : हाईकोर्ट ने 20 जनवरी को अमानीशाह में अतिक्रमण की मौजूदा स्थिति के लिए अधिवक्ताओं की कमेटी को निर्देश दिया था कि वह जेडीए, नगर निगम, हाउसिंग बोर्ड व अन्य संबंधित अफसरों के साथ मीटिंग करें और चार सप्ताह में रिपोर्ट पेश करें।
वहीं निगम अधिकारियों ने बताया कि निगम द्वारा 106 फीट में कार्रवाई करते हुए अतिक्रमणों को हटाया गया है। इस पर अधिवक्तओं ने कहा कि हाईकोर्ट ने निगम को 150 से 200 फीट पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद निगम ने 106 फीट मानते हुए कार्रवाई क्यों की?। निगम अधिकारियों ने बताया कि एमएनआईटी रिपोर्ट के अनुसार ही कार्रवाई की गई है। अधिवक्तओं ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जेडीए, नगर निगम, हाउसिंग बोर्ड जल्द से जल्द रिकोर्ड और आदेश की कॉपी उपलब्ध कराए। इसके साथ ही विभाग से मास्टर प्लान की कॉपी भी मांगी गई है। अधिवक्ताओं ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र अमानीशान नाले का एक फरवरी का दौरा कर वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाएगा।