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जयपुर के व्यापारी कैरीबैग्स पर लिखवाएंगे सामाजिक संदेश

7 वर्ष पहले
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व्यापारियों ने कहा - समाज को नई दिशा देने के लिए व्यापार मंडलों की मीटिंग में करेंगे होर्डिंग्स-कैरीबैग्स स्लोगन पर चर्चा, व्यापारिक कार्यक्रमों की थीम में होगा सामाजिक सरोकार

भास्कर न्यूज. जयपुर

व्यापार के साथ-साथ समाज की सेवा जयपुर के व्यापारियों की परंपरा रही है। अब इसमें एक नई कड़ी जुडऩे जा रही है। जयपुर के व्यापारियों ने भास्कर की पहल पर अपने प्रोडक्शन हाउस के कैरीबैग्स पर सामाजिक सरोकार से जुड़े स्लोगन लिखकर लोगों को प्रेरित करने पर सहमति जताई है। सोमवार को आयोजित भास्कर टॉक शो में सामाजिक संदेश ((बाल विवाह रोकने, कन्या भ्रूण हत्या रोकने, मतदान करने, रक्तदान-महादान, नेत्रदान आदि)) प्रचारित करने पर चर्चा की गई। भास्कर का मत है कि तीन से पांच शब्द के स्लोगन समाज को नई दिशा दे सकते हैं। कुरीतियों को दूर करने में अलार्मिंग साबित होते हैं। इस मत से शहर के व्यापारियों ने सहमति जताई। कहा कि वे भागीदारी निभाने को तैयार है। कुछ ने तो घोषणा भी कर दी कि वे अपने कैरीबैग्स पर स्लोगन लिखवाएंगे। सुझाव भी दिए कि बाजार में होर्डिंग लगवा सकते हैं। निर्णय किया कि व्यापार मंडलों की बैठक में इस बारे में हर व्यापारी से बात करेंगे और इस दिशा में आगे कदम बढ़ाएंगे।

आगे से कैरीबैग्स पर मिलेगा संदेश

जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष त्रिलोकचंद अग्रवाल ने कहा- समाज में जागरुकता की यह नई पहल है। अब आगे से मैं जो भी कैरीबैग छपवाउंगा, उसमें समाज को संदेश देने वाला संदेश जरूर होगा। दुकानों के आगे होर्डिंग्स भी लगाए जा सकते हैं, जिसमें नगर निगम को भी इसमें सहयोग करना होगा। होर्डिंग्स के तीन चौथाई हिस्से में स्लोगन हो और एक चौथाई में दुकान का प्रचार।

व्यापार मंडल में करेंगे चर्चा

किशनपोल बाजार व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष सुरेश दुसाद ने कहा कि जल्दी ही व्यापार मंडल में चर्चा करके इसे लागू करेंगे।

हर सप्ताह होगा नया स्लोगन

किशनपोल बाजार व्यापार मंडल के सलाहकार राजा खूंटेटा ने कहा कि वे सामाजिक सरोकार से जुड़े संदेश वाले होर्डिंग लगाने को तैयार हैं। नगर निगम सहयोग करे तो वे हर सप्ताह स्लोगन को बदलकर भी लगा सकते हैं, ताकि बाजार में आने वालों को नया स्लोगन मिले।

बहुत बढिय़ा सोच, इसे आगे बढ़ाएंगे

सीकर रोड व्यापार मंडल के महामंत्री प्रदीप अग्रवाल का कहना है कि छोटे छोटे स्लोगन व नारों के माध्यम से समाज को नई दिशा मिलती रही है। समाज में आए बदलाव के बाद भी इन स्लोगनों ने अपनी पहचान कायम रखी है। वे व्यापार मंडल में इस मुद्दे को उठाएंगे। सीकर रोड व्यापार मंडल के सदस्य नथमल जांगिड़ का कहना है कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से समाज को प्रेरित करने वाले स्लोगन प्रचारित व प्रसारित करेंगे।



उद्घाटन पट्टिकाओं पर भी लगे स्लोगन

घी वालों का रास्ता व्यापार संघ के महामंत्री नीरज लुहाडिय़ा ने कहा कि व्यापार मंडलों को अपने यहां स्लोगन फिक्स कर लेने चाहिए। सरकार को भी उद्घाटन पट्टिकाओं पर स्लोगन लिखवाने चाहिए।

कार पर लिखवाया संदेश, व्यापार में भी लाएंगे

संजय बाजार व्यापार मंडल के महासचिव अजय विजयवर्गीय का कहना है कि जनता को कुरीतियों के खिलाफ प्रेरित करने वाले स्लोगन कारों पर भी लगाने चाहिए। मैंने अपनी कार पर संदेश लिखवाया है, जिसे हर सप्ताह करीब 10 हजार लोग तो देखते ही होंगे।

सरकार एक्ट लाए

कैट की महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा सेठी ने सुझाव दिया कि सरकार को इसके लिए एक्ट लाना चाहिए। एक एक्ट में किसी भी प्रकार के विज्ञापन में सामाजिक संदेश अनिवार्य किया जाए। ।

दुकान के हिसाब से हो स्लोगन

राजस्थान कपड़ा व्यापार महासंघ के महासचिव मुकेश पारीक ने कहा कि स्लोगन लिखना अच्छी पहल है। इसे दुकान के काम के हिसाब से हर दुकान को अलग स्लोगन लिखना चाहिए।

निगम छूट दे तो हम होर्डिंग लगाने को तैयार

चौड़ा रास्ता व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमोल पाठक ने कहा कि अगर निगम छूट दे दे तो वे व्यापार मंडल के सहयोग से होर्डिंग लगाने को तैयार है।

शिक्षा को बढ़ावा देने वाले संदेश लिखे जाएं

जयपुर व्यापार महासंघ के महासचिव आनंद महरवाल ने सुझाव दिया कि समाज में व्याप्त कुरीतियों की वजह अशिक्षा है। इसलिए शिक्षा को बढ़ावा देने वाले संदेश प्रचारित किए जाए।

व्यापार मंडल तय करे स्लोगन

चौड़ा रास्ता व्यापार मंडल के महासचिव राजेंद्र सेठी ने कहा कि बाजार में कई प्रकार की दुकानें होती है। दुकाने के नेचर के हिसाब से मंडल स्लोगन तय करे। जैसे मेडिकल स्टोर पर कन्या भ्रूण हत्या रोकने और साडिय़ों की दुकान पर बाल विवाह रोकने के संदेश लिखे जाएं।

नई पीढ़ी को मिले संस्कृति की जानकारी

जौहरी बाजार व्यापार मंडल के बृजबिहारी अग्रवाल ने कहा कि नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति से अनजान है। चारदीवारी के हर बाजार में देश की भाषा, देश की भूषा और देश की शिक्षा जैसे स्लोगन तो अनिवार्य रूप से लिखे जाए।

टोल फ्री हेल्पलाइन भी हो

सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के उपाध्यक्ष मनीष खूंटेटा का कहना है कि सरकार एक इस प्रकार का टोल फ्री हैल्पलाइन नंबर जारी करे, जिस पर लोग पौधे लगाने, रक्तदान करने, नेत्रदान करने जैसी सूचनाओं की जानकारी ले सके।

व्यापारी अपने कार्यक्रमों में इस थीम को शामिल करें

त्रिपोलिया बाजार व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष रमेश चमन का कहना है कि व्यापारियों के सालभर में कई कार्यक्रम होते हैं। हर कार्यक्रम में इस थीम को शामिल किया जाए। साथ ही लघुनाटिका का आयोजन करके भी एक संदेश दिया जाए।

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यह दिए सुझाव

- दुकान के आइटम के हिसाब से स्लोगन हों। जैसे मेडिकल की दुकान पर कन्या भ्रूण हत्या रोकने व शादी विवाह के आयटमों की दुकान पर बाल विवाह रोकने।

- सरकार को एक्ट लाना चाहिए। ताकि इस मुद्दा को कानूनी रूप से भी अमलीजामा पहनाया जा सके।

- नगर निगम प्रमुख बाजारों में होर्डिंग के लिए जगह उपलब्ध कराए।

- नगर निगम होर्डिंग पर किसी प्रकार की वसूली नहीं करे। सामाजिक सरोकारों वाले संदेश लगे होर्डिंग को छूट मिले।

- कैरी बैग के साथ साथ बिल बुक पर स्लोगन लिखें। हर दुकान का स्लोगन व्यापार मंडल की ओर से फिक्स कर दिया जाए।

- व्यापार मंडलों का लोगो हो, जिसमें किसी एक ऐसे स्लोगन को अपनाया जाए, जो समाज को नई दिशा दे।













राजेन्द्र सेठी

प्रदीप अग्रवाल

नीरज लुहाडिय़ा

अजय विजयवर्गीय

सीमा सेठी

मुकेश पारीक

अमोल पाठक

आनंद महरवाल

त्रिलोक चंद अग्रवाल

बृजबिहारी अग्रवाल

मनीष खूंटेटा

राजा खूंटेटा

सुरेश दुसाद

रमेश चमन

कार पर लिखवाया संदेश, व्यापार में भी लाएंगे

संजय बाजार व्यापार मंडल के महासचिव अजय विजयवर्गीय का कहना है कि जनता को कुरीतियों के खिलाफ प्रेरित करने वाले स्लोगन कारों पर भी लगाने चाहिए। मैंने अपनी कार पर संदेश लिखवाया है, जिसे हर सप्ताह करीब 10 हजार लोग तो देखते ही होंगे।

निगम छूट दे तो हम होर्डिंग लगाने को तैयार

चौड़ा रास्ता व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमोल पाठक ने कहा कि अगर निगम छूट दे दे तो वे व्यापार मंडल के सहयोग से होर्डिंग लगाने को तैयार है।

शिक्षा को बढ़ावा देने वाले संदेश लिखे जाएं

जयपुर व्यापार महासंघ के महासचिव आनंद महरवाल ने सुझाव दिया कि समाज में व्याप्त कुरीतियों की वजह अशिक्षा है। इसलिए शिक्षा को बढ़ावा देने वाले संदेश प्रचारित किए जाए।

व्यापारी तय करें स्लोगन

चौड़ा रास्ता व्यापार मंडल के महासचिव राजेंद्र सेठी ने कहा कि बाजार में कई प्रकार की दुकानें होती हैं। दुकाने के नेचर के हिसाब से मंडल स्लोगन तय करे। जैसे मेडिकल स्टोर पर कन्या भ्रूण हत्या रोकने और साडिय़ों की दुकान पर बाल-विवाह रोकने के संदेश लिखे जाएं।

टोल फ्री हैल्पलाइन भी हो

सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के उपाध्यक्ष मनीष खूंटेटा ने कहा- सरकार इस प्रकार का टोल फ्री हैल्पलाइन नंबर जारी करे, जिस पर लोग पौधे लगाने, रक्तदान करने, नेत्रदान करने जैसी सूचनाओं की जानकारी ले सके।

नई पीढ़ी संस्कृति को जाने

जौहरी बाजार व्यापार मंडल के बृजबिहारी अग्रवाल ने कहा कि नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति से अनजान है। चारदीवारी के हर बाजार में देश की भाषा, देश की भूषा और देश की शिक्षा जैसे स्लोगन तो अनिवार्य रूप से लिखे जाए।

हर सप्ताह होगा नया स्लोगन

किशनपोल बाजार व्यापार मंडल के सलाहकार राजा खूंटेटा ने कहा कि वे सामाजिक सरोकार से जुड़े संदेश वाले होर्डिंग लगाने को तैयार हैं। नगर निगम सहयोग करे तो वे हर सप्ताह स्लोगन को बदलकर भी लगा सकते हैं, ताकि बाजार में आने वालों को नया स्लोगन मिले।

जागरूकता की अलख जगाने के लिए व्यापारी सहमत, एकराय बनाएंगे-अमल करेंगे

उद्घाटन पट्टिकाओं पर भी लगें स्लोगन

घी वालों का रास्ता व्यापार संघ के महामंत्री नीरज लुहाडिय़ा ने कहा- व्यापार मंडलों को अपने स्लोगन फिक्स कर लेने चाहिए। सरकार को भी उद्घाटन पट्टिकाओं पर स्लोगन लिखवाने चाहिए।

सरकार एक्ट लाए

कैट की महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा सेठी ने कहा- सरकार को एक्ट लाना चाहिए, जिसमें हर विज्ञापन में सामाजिक संदेश अनिवार्य किया जाए।

व्यापार मंडल में करेंगे चर्चा

किशनपोल बाजार व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष सुरेश

दुसाद ने कहा कि जल्दी व्यापार मंडल में चर्चा करके इसे लागू करेंगे।

बहुत बढिय़ा सोच, आगे बढ़ाएंगे

सीकर रोड व्यापार मंडल के महामंत्री प्रदीप अग्रवाल का कहना है कि छोटे छोटे स्लोगन व नारों के माध्यम से समाज को नई दिशा मिलती रही है। समाज में आए बदलाव के बाद भी इन स्लोगनों ने अपनी पहचान कायम रखी है। व्यापारी नथमल जांगिड़ का कहना है कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से समाज को प्रेरित करने वाले स्लोगन प्रचारित व प्रसारित करेंगे।

जागरूकता की नई पहल

जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष त्रिलोकचंद अग्रवाल ने कहा- समाज में जागरूकता की यह नई पहल है। अब आगे से मैं जो भी कैरीबैग छपवाउंगा, उस पर सामाजिक संदेश जरूर होगा। दुकानों के आगे होर्डिंग्स भी लगाए जा सकते हैं, जिसमें नगर निगम को भी सहयोग करना होगा। होर्डिंग्स के तीन चौथाई हिस्से में स्लोगन हो और एक चौथाई में दुकान का प्रचार।

समाज के लिए क्या कर सकते हैं व्यापारी ?

सभी व्यापार मंडल समाज को नई दिशा देने के लिए होर्डिंग्स-कैरीबैग्स स्लोगन पर चर्चा करेंगे, कार्यक्रमों की थीम में होगा सामाजिक सरोकार

भास्कर न्यूज - जयपुर

व्यापार के साथ-साथ समाज की सेवा जयपुर के व्यापारियों की परंपरा रही है। अब इसमें एक नई कड़ी जुडऩे वाली है। जयपुर के व्यापारियों ने भास्कर की पहल पर अपने प्रोडक्शन हाउस के कैरीबैग्स पर सामाजिक सरोकार से जुड़े स्लोगन लिखकर लोगों को प्रेरित करने पर सहमति जताई है। सोमवार को आयोजित भास्कर टॉक शो में सामाजिक संदेश ((बाल विवाह रोकने, कन्या भ्रूण हत्या रोकने, मतदान करने, रक्तदान-महादान, नेत्रदान आदि)) प्रचारित करने पर चर्चा की गई।

भास्कर का मत है कि तीन से पांच शब्द के स्लोगन समाज को नई दिशा दे सकते हैं। कुरीतियों को दूर करने में मददगार साबित होते हैं। इस मत से शहर के व्यापारियों ने सहमति जताई। कहा कि वे भागीदारी निभाने को तैयार हैं। कुछ ने तो घोषणा भी कर दी कि वे अपने कैरीबैग्स पर स्लोगन लिखवाएंगे। सुझाव भी दिए कि बाजार में होर्डिंग लगवा सकते हैं। निर्णय किया कि व्यापार मंडलों की बैठक में इस बारे में हर व्यापारी से बात करेंगे और इस दिशा में आगे कदम बढ़ाएंगे।

भास्कर टॉक शो