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मुंबई म्यूजियम में दिखेंगी राजस्थानी फिल्में

7 वर्ष पहले
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गार्गी मिश्रा जयपुर
भारतीय सिनेमा के 100 वर्षों के इतिहास, संस्कृति, कला और तकनीक को एक साकार रूप देने के प्रयास में फरवरी में मुंबई में ‘नेशनल म्यूजियम ऑफ इंडियन सिनेमा’ की शुरुआत की जाएगी। म्यूजियम साउथ मुंबई में पेडर रोड स्थित हेरिटेज बिल्डिंग गुलशन महल में शुरू होगा। 600 करोड़ की लागत से 6000 वर्गफुट क्षेत्र में बने इस म्यूजियम में जहां एक तरफ भारतीय सिनेमा के हर पहलू को शामिल किया गया है, वहीं एक सेक्शन में भारत के रीजनल सिनेमा को भी जगह दी गई है जिसमें राजस्थानी फिल्में भी शामिल हैं।
म्यूजियम के रीजनल सेक्शन में राजस्थानी फिल्में- म्यूजियम के क्यूरेटर अमृत गांगर का कहना है कि भारत के रीजनल सिनेमा को डेडिकेट करने के लिए एक सेक्शन बनाया गया है जिसमें अलग-अलग स्टेट्स और भाषाओं में बनी चुनिंदा फिल्मों को उनके पोस्टर्स के माध्यम से शोकेस किया गया है। राजस्थान के प्रतिनिधित्व में भी दो फिल्में शामिल हैं । इनमें पहली फिल्म सीमा नहाटा के निर्देशन में 3 जून 1992 को रिलीज हुई ‘लक्ष्मी आई आंगणे’। इस फिल्म के स्टार कास्ट में अशोक भाटिया, आभा परमार और अभिषेक देशीघई थे। दूसरी राजस्थानी फिल्म है ‘दुविधा’। जुलाई 1975 में रिलीज हुई यह फिल्म राजस्थानी लेखक विजयदान देथा की कहानी पर आधारित है, जिसका निर्देशन मनीष कौल ने किया है। इस फिल्म के स्टार कास्ट में शामिल हैं रवि मेनन, रायसा पदमसी, कानाराम, भोलाराम, मनोहर लालस, हरदन शंभुदन।



म्यूजियम इसलिए

होगा खास

म्यूजियम में सिनेमा के तकनीक पक्ष को दर्शाते उनके प्रोडक्शन और स्क्रीनिंग के बारे में जानकारी दी जाएगी, वहीं सिनेमा के 100 वर्षों के सफर को भी शामिल किया जाएगा। इसमें सिनेमा को तीन भागों साइलेंट एरा, गोल्डन एरा और मॉडर्न एरा में शोकेस किया जाएगा। म्यूजियम में आने वाले विजिटर्स ओल्ड क्लासिक फिल्मों के क्लिप्स भी देख सकेंगे। म्यूजियम में देश के प्रमुख स्टूडियोज ((महबूब स्टूडियो, आर.के. स्टूडियो, प्रसाद स्टूडियो)) ने फिल्म मेकिंग में इस्तेमाल होने वाले इक्विपमेंट्स भी डोनेट किए हैं।