दिखा प्रवासी भारतीय का कलाकर्म
कहां : जवाहर कला केंद्र
क्या : चित्रकार महिरवान ममतानी की
पेंटिंग्स का स्लाइड शो
सिटी रिपोर्टर जयपुर
जवाहर कला केंद्र में मंगलवार को भारतीय मूल के चित्रकार महिरवान ममतानी के सात दशकों की कला यात्रा पर आधारित स्लाइड शो आयोजित किया गया। भारत में जन्मे और जर्मनी में रह रहे ममतानी ने अपनी चित्र शृंखला को दो भागों में विभाजित कर प्रदर्शित किया। पहले खंड में दर्शाए गए चित्र भारतीय तंत्र मंडल पर आधारित हैं, जिनमें आध्यात्मिक ऊर्जा आत्म केंद्रित होकर शरीर में प्रवेश करती महसूस होती है।
दूसरे खंड में दर्शाए गए चित्र मुखौटों पर आधारित हैं। हालांकि ये चित्र भी भारतीय तंत्र मंडल पर आधारित हैं, लेकिन इस शृंखला में आत्म केंद्रित ऊर्जा बाहर की ओर जाती महसूस होती है।
उनकी बनाई पेंटिंग्स में एक्रेलिक और ऑयल रंगों की चमक के साथ टैक्सचर की सघनता देखने योग्य है। इस शो में कुल दो हजार स्लाइड्स का प्रदर्शन किया गया।
नवाबशाह में हुआ जन्म
महिरवान ममतानी का जन्म 2 नवंबर 1931 को अविभाजित भारत के नवाबशाह स्थित भरियां गांव में हुआ। विभाजन के बाद इन्होंने करीब पंद्रह वर्ष तक दिल्ली में शरणार्थी के रूप में निवास किया। उसके बाद 1966 में जर्मनी गए तो वहीं के होकर रह गए।
 अपने चित्रों के बारे में जानकारी देते ममतानी।