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०० संगीत संस्थान से निकले सुर, लय और तालवार्षिकोत्सव में अध्ययनरत कलाकारों ने किया सांगीतिक प्रतिभा का प्रदर्शन

7 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर जयपुर
जवाहर कला केंद्र परिसर मंगलवार को संगीत संस्थान के स्टूडेंट्स की कलात्मक प्रतिभा से निखर गया। मौका था संस्थान के वार्षिकोत्सव का। इसमें स्टूडेंट्स ने गायन, वादन और नृत्य के जरिए सुर, लय और ताल का बेहतरीन प्रदर्शन कर लोगों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ.प्रभा माथुर व नवल डांगी के निर्देशन में वर दे वीणा वादिनी के सामूहिक गायन से हुई।
वाद्यवृंद की आकर्षक प्रस्तुति
इसके बाद कलाकारों ने श्रीमोहन माथुर के निर्देशन में सितार वादन, राजीव अग्रवाल के निर्देशन में वॉयलिन वादन और उर्मिला उपाध्याय के निर्देशन में तबला वादन की सामूहिक प्रस्तुतियां दीं।
कथक और लोक नृत्य
समारोह में कलाकारों ने ज्योति भारती गोस्वामी के निर्देशन में कथक तथा डॉ. कविता सक्सेना के निर्देशन में लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी। डॉ. गौरव जैन के निर्देशन में कलाकारों ने कव्वाली और डॉ.सीमा सक्सेना के निर्देशन में राग हंसध्वनि पर आधारित रचना के जरिए अपने सबक का प्रदर्शन किया।
पोट्र्रेट भेंट किया
छात्र कलाकारों की प्रतिभा से प्रभावित होकर मुख्य अतिथि रामदास अग्रवाल ने संस्थान को ५१ हजार रुपए देने की घोषणा की। संस्थान के पूर्व उपाध्यक्ष नवल डांगी ने अग्रवाल को उनका बनाया पोट्र्रेट भेंट किया। अंत में कॉलेज प्राचार्य संध्या राव ने धन्यवाद ज्ञापित किया।



 संगीत संस्थान के एनुअल फंक्शन में प्रस्तुति देते कलाकार।

वार्षिकोत्सव में अध्ययनरत कलाकारों दिखाई सांगीतिक प्रतिभा

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