चौथे स्तंभ पर नाटकीय प्रहार
सिटी रिपोर्टर जयपुर
नाट्य गुरु एस. वासुदेव सिंह की स्मृति में कलंदर संस्था की ओर से मंगलवार को नाटक ‘कॉमरेड गोडसे’ का मंचन किया गया। यशवंत व्यास लिखित इस नाटक का निर्देशन वरिष्ठ रंगकर्मी साबिर खान ने किया है। नाटक में बताया गया कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ पत्रकारिता माना गया है, जिसका काम लोकतंत्र के बाकी तीन स्तंभों के कार्यों पर नजर रखना और उनकी समीक्षा करना होता है, लेकिन इस स्तंभ में भी अब प्रबंधन रूपी जहर घर करता जा रहा है।
नाटक की कहानी
नाटक की कहानी दो व्यापारियों पर आधारित है, जो व्यापार के अलावा अखबार के मालिक भी हैं। अपने-अपने अखबार को आगे बढ़ाने की चाह उन्हें षड्यंत्रकारी बना देती है। प्रेम प्रकाश और जीबी शाह ऐसे ही प्रतिद्वंद्वी हैं, जो अपने लाभ और स्वार्थ में डूबकर अपने अखबार को चटपटा और लोकप्रिय बनाने के लिए प्यारे मियां का मर्डर करवा देते हैं।
ये मर्डर समाज में दंगों का रूप अख्तियार कर लेता है। इन दंगों में हर व्यक्ति अपना फायदा ढूंढऩे का प्रयास करता है। साथ ही पूंजीपति से लेकर आम आदमी किस प्रकार खुद को लाभान्वित करना चाहता है इसे नाटक में विभिन्न रोचक घटनाक्रमों के जरिए जीवंत किया गया। साबिर खान ने दृश्य रचना को आकर्षक और आक्रामक बनाया जिसकी वजह से नाटक के छिपे भाव सहज ही साकार हो रहे थे।
इन्होंने किया अभिनय
नाटक में शुभम पारीक, शुभम बागड़ी, चिराग खंडेलवाल, योगेश नरूला, उज्ज्वल मिश्रा, साहिल आहूजा, आसिफ खान मुगल, अनुरंज शर्मा सहित अनेक रंगकर्मियों ने अभिनय किया।