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डाउनलोड करेंजयपुर. हाईकोर्ट ने चोरी के आरोपी की जमानत अर्जी पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए पुलिस व्यवस्था पर यह टिप्पणी की कि बीट प्रभारियों के नाम तो लिखवा दिए, लेकिन वे काम करते हैं या नहीं। साथ ही अदालत ने डीजीपी से चोरी और चेन तोडऩे की घटनाएं रोकने के उपाय बताने को कहा। न्यायाधीश केएस अहलूवालिया ने यह अंतरिम आदेश मनु उर्फ मनोज की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया।
अदालत ने डीजीपी को कहा कि वे एक अफसर को भेजें जो इस संबंध में बताएं व सहयोग करें। न्यायाधीश अहलूवालिया ने कहा कि वे 18 नवंबर 2013 से यहां पर बैठ रहे हैं और अदालत में चोरी, डकैती व मोटरसाइकिल के मामले आ रहे हैं, जो गंभीर है। इसलिए डीजीपी इन घटनाओं को रोकने के संबंध में सुझाव दें।
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