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पोलो मैच

7 वर्ष पहले
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किरन सैनी जयपुर
शहर में चल रहे पोलो टूर्नामेंट में पिता-पुत्र और भाई-भाई के बीच काफी रोमांचक प्रतियोगिता देखने को मिल रही है। रॉयल फैमिली के बीच बेहद पसंद किए जाने वाले इस गेम में जनवरी में होने वाले मैचेज में रिश्तों की बांडिंग के साथ टीम स्प्रिट के अच्छे उदाहरण देखने को मिले। मैदान में एक अच्छे कॉम्पीटीटर और मैदान के बाहर एक अच्छे आलोचक के रूप मिलते हैं और एक दूसरे को सलाह देते हैं।
राजस्थान पोलो क्लब में चल रहे वोडाफोन सिरमूर कप में भाई-भाई और पिता-पुत्र के बीच कॉम्पीटीशन रोमांच का एहसास कर रहा है। जनवरी के पहले वीक में हुए पोलो मैच में जयपुर राजघराने के सदस्य नरेन्द्र सिंह और उनके बेटे पद्मनाभ सिंह के बीच रोमांचक मुकाबला देखा गया।



खासियत

कभी साथ-साथ अब अलग-अलग

कितने मैच

चार मैचेज ट्रॉफी जीती हैं

रिश्ता

भाई

रिश्ता

पिता-पुत्र

ध्रुवपाल और मनुपाल गोदारा

गौरव और राजेश सहगल

सबसे अलग चुनौती

भाई के विपरीत खेलने पर ध्रुव कहते हैं कि दोनों भाई एक-दूसरे की कमजोरी जानते हैं। इसलिए जब मैदान में आमने-सामने होते हैं तो इस चुनौती को पार पा लेना बड़ा मुश्किल होता है। वे हमेशा कहते हैं, खेलते वक्त गुस्सा हो जाते हो, जबकि शांत हो कर खेलना चाहिए।



गौरव सहगल कहते हैं, मैंने पापा के साथ चार ट्रॉफी जीती हैं। वे टीम बनाने और घोड़े पसंद करने का निर्णय मुझ पर छोड़ देते हैं। वे मेरे अच्छे आलोचक हैं। अच्छा खेलने पर मेरी तारीफ करते हैं, तो जब खराब खेलता हूं तो खुलकर मेरी कमियां भी बताते हैं।

पापा एक्सपोजर देते हैं