यूनिवर्सिटी-कॉलेज दे सकेंगे छात्रवृत्ति
नरेश वशिष्ठ - जयपुर
पढ़ाई के लिए मिलने वाली छात्रवृत्ति के लिए छात्रों को अब सामजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विभाग छात्रवृत्ति का सरलीकरण करने जा रहा है। छात्रों को छात्रवृत्ति अब सीधे यूनिवर्सिटी और कॉलेज में ही मिल सकेगी। इसमें सरकारी और सरकार से अनुदानित एवं स्वायत्तशासित यूनिवर्सिटी, इनके अधीन आने वाले महाविद्यालय शामिल होंगे। ये छात्रों को सीधे छात्रवृत्ति दे सकेंगे। शुरुआत में विभाग ने प्रदेश के 38 विश्वविद्यालयों की सूची तैयार की है। छात्रवृत्ति सरलीकरण के लिए सरकार से स्वीकृति मिल गई है। विभाग अब इन विश्वविद्यालयों में आने वाले कॉलेजों की सूची तैयार कर रहा है। सूची को फाइनेंस विभाग से स्वीकृत मिलने के बाद 2013-2014 के आधार पर बजट आवंटित किया जाएगा। इससे पहले विभाग ही छात्रवृत्ति जारी कर रहा था। वर्तमान में 5 लाख 83 छात्रों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया है।
इनका कहना है
॥छात्रवृत्ति में सरलीकरण के लिए विभाग सरकारी और अनुदानित विश्वविद्यालयों को छात्रवृत्ति देने पर विचार कर रहा है। प्रारंभिक तौर पर इसके लिए सरकार से स्वीकृति मिल गई है।
-डॉ. मंजीत सिंह,
प्रमुख सचिव, सामाजिक न्याय
एवं अधिकारिता
॥सरकार से स्वीकृति के बाद विश्वविद्यालयों की सूची तैयार की जा रही है। सूची फाइनेंस विभाग से अप्रूव कराई जाएगी। इसके बाद इन्हें अगले सत्र से बजट जारी कर दिया जाएगा।
-नवीन महाजन, आयुक्त, सामाजिक न्याय एवं
अधिकारिता विभाग
जिस कॉलेज में पढ़ाई, वहीं से छात्रवृत्ति
सरलीकरण होने के बाद विभाग के ऑफिसों में छात्रवृत्ति के लिए भीड़ नहीं लगेगी। छात्र जिस कॉलेज में पढ़ाई करते हैं, वहीं छात्रवृत्ति समय पर मिल सकेगी। स्टूडेंट्स को अनावश्यक ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और छात्रों की फीस भरने में आसानी होगी।
विभाग की वेबसाइट पर आवेदन होगा
नई व्यवस्था के तहत छात्रवृत्ति के लिए छात्रों को विभाग की वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। आवेदन की मूल कॉपी विभाग के ऑफिस की अपेक्षा संबंधित कॉलेज में जमा करानी होगी। यहां पर संबंधित अधिकारी फार्मों को चेक करेगा। चेक के बाद संबंधित विश्वविद्यालय को सूची भेजी जाएगी। विश्वविद्यालय विभाग से जारी बजट में से कॉलेज को बजट आवंटित करेगा। फार्म सही पाए जाने पर कॉलेज प्रबंधन छात्रवृत्ति दे सकेगा। कॉलेज को छात्रवृत्ति उपयोगिता
प्रमाण-पत्र भेजना होगा। यह प्रमाण पत्र विभाग में जमा
होगा। इसी के आधार जारी छात्रवृत्ति की ऑडिट होगी।
गड़बड़़ी पाई जाने पर संबंधित अधिकारी और कॉलेज के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।