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डाउनलोड करेंजयपुर. हाईकोर्ट ने एसएमएस अस्पताल के विस्तार के लिए पास की जमीन के मुद्दे पर सरकार द्वारा सीएस के बंगले को महत्वपूर्ण बताए जाने पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जब सीएम अपना बंगला बदल सकती हैं तो सीएस ऐसा क्यों नहीं कर सकते। यदि यह जमीन कीमती है तो उसका उपयोग भी पवित्र काम के लिए ही तो होगा।
न्यायाधीश महेश चन्द्र शर्मा ने यह टिप्पणी बुधवार को एसएमएस अस्पताल में सुविधाओं व विस्तार के मामले में एसके गुप्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए कही। मामले में प्रमुख चिकित्सा शिक्षा सचिव सुबोध अग्रवाल कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने उनसे पूछा कि अस्पताल विस्तार के लिए क्या कर रहे हैं, तो प्रमुख सचिव ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से योजना बनाई जा रही है। कोर्ट ने जब अस्पताल विस्तार के लिए पास स्थित सीएस व अन्य जमीनों को लेने की बात कही तो सचिव ने कहा कि सीएस का बंगला ईयर मार्क और महत्वपूर्ण है। सचिव के इस बयान पर कोर्ट ने कहा कि बंगला यदि कीमती है तो उसकी जमीन का उपयोग भी तो पावन काम के लिए होगा।
प्रमुख सचिव से मांगा विस्तृत शपथ पत्र
अदालत ने प्रमुख चिकित्सा शिक्षा सचिव को निर्देश दिया कि वे विस्तृत शपथ पत्र पेश कर बताएं कि एसएमएस अस्पताल में सुविधाओं व विस्तार के लिए क्या किया जा रहा है। साथ ही वे 21 फरवरी को इस संबंध में अदालत में उपस्थित हों। इससे पहले अतिरिक्त महाधिवक्ता ने मामले में सुनवाई के लिए अदालत से समय मांगा। इस पर अदालत ने उन्हें कहा कि वे प्रमुख सचिव से चर्चा कर शाम चार बजे अदालत को अवगत कराएं। बाद में प्रमुख सचिव अतिरिक्त महाधिवक्ता के साथ अदालत में उपस्थित हुए।
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