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पिछली सरकार की गलत नीति से महंगी हुई बजरी

7 वर्ष पहले
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जयपुर - पिछली सरकार की गलत नीति के कारण लोगों को महंगी बजरी मिल रही है। सरकार लीज नीति नहीं बनाती तो बजरी महंगी नहीं होती। यह बात बुधवार को ऑल राजस्थान बजरी ट्रक ऑपरेटर्स सोसायटी की बैठक में सामने आई। सोसायटी सदस्यों ने कहा कि सरकार को रॉयल्टी और भराई के आधार पर लोगों को बजरी उपलब्ध करानी चाहिए थी। यही नहीं सरकार ने लीज भी 50 करोड़ की एवज में 470 करोड़ रुपए ली।
ऐसे हुई बजरी महंगी
सोसायटी अध्यक्ष नवीन शर्मा ने बताया कि पहले राज्य में कोई लीज व्यवस्था नहीं थी। पिछली सरकार ने लीज व्यवस्था लागू करने के लिए टेंडर जारी किए। इसमें सरकार ने कुल आरक्षित दर करीब 50 करोड़ रु. रखी, लेकिन सरकार ने इसकी एवज में लीज धारकों से करीब 470 करोड़ में टेंडर जारी किए। सरकार को भुगतान की गई राशि अब लीज धारक बजरी से ही निकालेंगे। शर्मा ने बताया कि लीज से पहले ((21 अक्टूबर, 13)) को 600 फीट बजरी पर कुल खर्चा 7260 रुपए आता था, लेकिन बाद में यह खर्चा 10 हजार रुपए हो गया है।