- Hindi News
- जैसे बेबस कबूतर, वैसे ही पुलिस वन विभाग?
जैसे बेबस कबूतर, वैसे ही पुलिस-वन विभाग?
भास्कर न्यूज - जयपुर
तिलक नगर मार्ग पर बिड़ला मंदिर के पास सफेद कबूतरों को बेचने वालों के पास कबूतरों की एक खास पहचान है कि इनमें से कुछ ज्यादा उड़ान नहीं भर पाते। इसकी वजह कुछ पक्षीप्रेमियों ने जानी तो पता लगा कि इनके कुछ पंख कटे हैं। मूक जानवर पर हो रहे अत्याचार की आवाज उठाने के लिए पक्षीप्रेमी पहले वन विभाग के पास ((जयपुर जू)) गए तो उन्होंने कानूनन मामले से खुद को यह कहते हुए अलग कर लिया कि कबूतर बेचना कोई अपराध नहीं है। वहीं पंख काटने के मामले पर उन्होंने पुलिस के पाले में गेंद डाली। उधर, जब पुलिस को मामले से अवगत कराया तो दो थाने में पहले तो कबूतर बेचने वाली जगह को लेकर मतभेद हुआ। बाद में मोती डूंगरी एसएचओ के दखल पर उनके थाने के एएसआई महावीर मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि जिस फुटपाथ के पास कबूतरों को रखा गया है, वह एरिया गांधी नगर में आता है, केवल फुटपाथ से लगती दीवार ही उनके क्षेत्र में है।
जब गांधी नगर थाना को मामले से अवगत कराया तो एएसआई श्यामलाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई के बजाय कहा, जब घीया जैसे ही छूट रहे हैं तो पुलिस कबूतर बेचने वाले इन गरीबों पर क्या कार्रवाई करे? अगले ही पल उन्होंने बात संभालते हुए मामले को एसएचओ के ध्यान में लाकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। देर शाम तक मामले पर हुआ कुछ नहीं।
॥यह रॉक पिजन था। इसमें वाइल्ड लाइफ एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं कर सकते। पुलिस पीसी क्रूअल्टी एक्ट के तहत कार्रवाई कर सकती है।
-विजय प्रकाश, एसीएफ, जयपुर जू
जयपुर जू में अफसरों को कबूतर के कटे पंख दिखाते पक्षी प्रेमी संदीप गुप्ता। बाद में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।