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डाउनलोड करेंजयपुर. एसएमएस अस्पताल में ब्लड देने का इच्छुक कोई भी व्यक्ति ब्लड दे सकता है। अस्पताल प्रशासन ने यहां आने वाले लावारिस मरीजों की सेवा के बाद स्वैच्छिक रक्तदान करने वालों के लिए रक्त सेवा नामक अनूठी पहल शुरू की है। जिसके तहत ब्लड देने वाले व्यक्ति का इंक्वायरी पर पंजीकरण होगा। जरूरत पडऩे पर फोन करके कभी भी ब्लड के लिए बुलाया जा सकेगा।
डॉ. अखिलेश को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है तथा नर्सिंग कर्मचारियों को भी शामिल किया है। अब तक 400 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। अस्पताल अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र सिंह के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति के डोनर उपलब्ध नहीं होने तथा लपका गिरोह को रोकने के लिए ऐसा किया है। हर साल 200 रक्तदान शिविर लगते हैं, 365 दिन शिविर लगने पर आए दिन ब्लड के लिए होने वाली परेशानियों से आसानी से छुटकारा मिल सकता है।
रैफरल के लिए भेजा है प्रस्ताव
डॉ. वीरेंद्रसिंह के अनुसार एसएमएस अस्पताल पर बढ़ रहे मरीजों के दबाव को देखते हुए रैफरल बनाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा है। पिछले साल ओपीडी का आंकड़ा 25 लाख 26 हजार होने के बाद एम्स नई दिल्ली (ओपीडी 17 से 18 लाख) से भी ज्यादा हो गया है। एसएमएस में वर्ष 2013 में जांचें 46 लाख, इनडोर का आंकड़ा एक लाख 68 हजार, एक्सरे जांच 2 लाख 40 हजार हो चुकी है।
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