सरकार को सुझाव दें महाधिवक्ता
जयपुर - वर्कमैन कंपनसेशन केसों में अनियमितता पर हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता को कहा है कि वे इन केसों में सरकार को सुझाव दें कि इनमें क्या हो सकता है और इसका पालन करवाएं। आदेश की प्रति प्रमुख श्रम सचिव को भेजने का निर्देश दिया। यह आदेश नेशनल इंश्योरेंस कंपनी की अपील पर दिया। अदालत ने कहा कि कई बार ऐसे कमिश्नर की नियुक्ति कर दी जाती है जो योग्यता ही नहीं रखते। अपील में वर्कमैन कंपनसेशन कमिश्नर के 10 सितंबर 2003 के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें प्रार्थी रतनसिंह की निशक्तता 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर 2.60 लाख रुपए की मुआवजा राशि 9 प्रतिशत ब्याज सहित देने के लिए कहा था। कंपनी ने कहा कि इन केसों में एक डॉक्टर का प्रमाण पत्र गलत है और उसने भी प्रार्थी को हल्के वाहन चलाने के योग्य माना है। डॉक्टर्स को वर्कमैन कंपनसेशन एक्ट के तहत फंक्शनल डिसएबिलिटी व लॉस ऑफ अर्निंग बताना चाहिए, लेकिन कोई बताता नहीं है। मामलों में भ्रष्टाचार हो रहा है, इसलिए इनमें न्यायिक अफसर को लगा सकते हैं या इन्हें एमएसीटी को भेज सकते हैं।